चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर विस्फोट मामले के दो संदिग्धों की पहचान हुई

चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर विस्फोट मामले के दो संदिग्धों की पहचान हुई

चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर विस्फोट मामले के दो संदिग्धों की पहचान हुई
Modified Date: April 3, 2026 / 10:59 am IST
Published Date: April 3, 2026 10:59 am IST

चंडीगढ़, तीन अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के मुख्यालय के बाहर हुए विस्फोट के मामले में दो संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया, ‘‘मामले में जांच जारी है’’ और संदिग्धों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे कार्यालय के पास एक संदिग्ध विस्फोटक उपकरण फेंके जाने के बाद विस्फोट हुआ। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इस घटना के संबंध में विस्फोटक अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

बाद में पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और कर्मियों को तैनात कर दिया, जबकि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

भाजपा की पंजाब इकाई का मुख्यालय चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में स्थित है।

बुधवार शाम को सोशल मीडिया पर एक अपुष्ट वीडियो सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति नीले रंग के ग्रेनेड से पिन निकालकर उसे फेंकता हुआ दिख रहा है जबकि दूसरा व्यक्ति इसे रिकॉर्ड कर रहा है। वीडियो में दोनों को विस्फोट से कुछ क्षण पहले भागते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो की सत्यता की पुष्टि होनी बाकी है। 10 सेकंड के इस वीडियो में संदिग्धों के चेहरे नहीं दिख रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में विस्फोट के बाद संदिग्ध सड़क पार भागते हुए भी दिख रहे हैं।

प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सुखजिंदर सिंह बब्बर से जुड़े एक अलग, अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट में संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है।

चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर ने बुधवार को कहा था, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि एक छोटा, विस्फोटक उपकरण फेंका गया था।’’

भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख सुनील जाखड़ ने इसे पार्टी कार्यालय पर ‘‘हमला’’ करार दिया था।

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने विस्फोट की निंदा करते हुए इसे ‘‘गंभीर चिंता का विषय’’ बताया।

भाषा सुरभि शोभना

शोभना


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