ब्रिटेन के वायु सेना प्रमुख ने रॉयल एयर फोर्स के पायलटों को प्रशिक्षण देने के कदम की सराहना की

ब्रिटेन के वायु सेना प्रमुख ने रॉयल एयर फोर्स के पायलटों को प्रशिक्षण देने के कदम की सराहना की

ब्रिटेन के वायु सेना प्रमुख ने रॉयल एयर फोर्स के पायलटों को प्रशिक्षण देने के कदम की सराहना की
Modified Date: March 23, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: March 23, 2026 8:37 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) ब्रिटेन की वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल सर हार्व स्मिथ ने सोमवार को एक नए कदम की सराहना की, जिसके तहत भारतीय वायु सेना ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के पायलटों को प्रशिक्षण देगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दोनों पक्ष उभरती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर समग्र रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने पर विचार कर रहे हैं।

भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आये स्मिथ ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह के साथ व्यापक वार्ता की। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान पश्चिम एशिया संकट सहित विभिन्न सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई।

ब्रिटेन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और बदलते सुरक्षा खतरों से निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। वैश्विक स्तर पर “उभरती सुरक्षा चुनौतियों” के बीच दोनों देशों के सैन्य संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से स्मिथ भारत आये हैं।

इस वर्ष फरवरी में भारत और ब्रिटेन के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत भारतीय वायु सेना के तीन योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर ब्रिटेन के आरएफ वेली में तैनात किए जाएंगे। यह बेस ब्रिटिश फास्ट जेट पायलटों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है।

दोनों वायु सेना के प्रमुख ग्वालियर स्थित वायु सेना स्टेशन का भी दौरा करेंगे, जहां वे आईएएफ की संचालन प्रक्रियाओं और आधुनिक हवाई खतरों से निपटने की रणनीतियों का अवलोकन करेंगे।

स्मिथ ने कहा, ‘‘भारत का दौरा करना और अपने सम्मानित सहयोगी और अच्छे मित्र, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अपनी रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।’’

उन्होंने कहा कि इन आदान-प्रदान के साथ-साथ प्रशिक्षण और परिचालन सहयोग के विस्तार से रॉयल एयर फोर्स और भारतीय वायु सेना के बीच अटूट संबंध प्रदर्शित होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा, स्थिरता और तकनीकी उत्कृष्टता के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता है। मैं इस गति को आगे बढ़ाने और आने वाले वर्षों में हमारी वायु सेनाओं के बीच सहयोग को और गहरा करने के लिए तत्पर हूं।’

भाषा

रंजन नरेश

नरेश


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