मदर टेरेसा के नाम का अनधिकृत उपयोग अस्वीकार्य है: मिशनरीज ऑफ चैरिटी

मदर टेरेसा के नाम का अनधिकृत उपयोग अस्वीकार्य है: मिशनरीज ऑफ चैरिटी

मदर टेरेसा के नाम का अनधिकृत उपयोग अस्वीकार्य है: मिशनरीज ऑफ चैरिटी
Modified Date: March 21, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: March 21, 2026 5:04 pm IST

कोलकाता, 21 मार्च (भाषा) मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने विभिन्न गतिविधियों के लिए किन्हीं भी संगठनों और व्यक्तियों द्वारा उसके और मदर टेरेसा के नाम के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ चेतावनी दी है। इनका नाम धन जुटाने और प्रचार अभियान में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

यह सलाह ऐसे समय में जारी की गई है जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुछ संगठन और व्यक्ति बिना अनुमति के धन जुटाने की गतिविधियों के लिए मदर टेरेसा के नाम और छवि का उपयोग कर रहे हैं।

अपने संस्थापक द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों पर जोर देते हुए, मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने कहा, ‘मदर टेरेसा ने कभी नहीं चाहा कि उनके नाम या छवि का उपयोग धन जुटाने या चंदा मांगने के उद्देश्यों के लिए किया जाए, यहां तक ​​कि धर्मार्थ कार्यों के लिए भी नहीं,’ सादगी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और स्वैच्छिक सद्भावना पर निर्भरता को रेखांकित करते हुए।

उन्नीस मार्च को जारी बयान में कहा गया, ‘हमें यह जानकारी मिली है कि कुछ संगठन और व्यक्ति हमारी अनुमति के बिना धन जुटाने सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए मदर टेरेसा और मिशनरीज ऑफ चैरिटी के नाम का उपयोग कर रहे हैं।’

मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई भी अनधिकृत उपयोग लोगों के बीच भ्रम पैदा करता है, खासकर जब इसे दान अभियान या धर्मार्थ अपीलों से जोड़ा जाता है।

तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह करते हुए, इसने कहा, ‘हम सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध करते हैं कि वे पूर्व अनुमति के बिना किसी भी रूप में मदर टेरेसा या मिशनरीज ऑफ चैरिटी के नाम का उपयोग करने से परहेज करें।’

इसमें चेतावनी दी गई कि निरंतर दुरुपयोग के परिणामस्वरूप कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

बयान में कहा गया, ‘इस तरह के किसी भी अनधिकृत उपयोग से हमें अपनी प्रतिष्ठा और नाम की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई सहित उचित कदम उठाने पड़ सकते हैं।’

कोलकाता में 1950 में स्थापित, मिशनरीज ऑफ चैरिटी एक वैश्विक कैथोलिक धार्मिक संस्था है जो ‘सबसे गरीब लोगों’ की सेवा के लिए समर्पित है।

मदर टेरेसा, जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया और बाद में ‘सेंट टेरेसा’ के रूप में मान्यता दी गई, ने प्रचार या वित्तीय सहायता के लिए अपने नाम के उपयोग को लगातार हतोत्साहित किया था।

बयान के अनुसार, केवल मिशनरीज ऑफ चैरिटी ही इसके कार्यों और पहचान का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत है, और जनता से अपील की जाती है कि समर्थन देने से पहले इससे संबद्धता का दावा करने वाले किसी भी संगठन या पहल की प्रामाणिकता की पुष्टि करें।

भाषा तान्या माधव

माधव


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