केंद्रीय मंत्री ने आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम, समर्थ पोर्टल की शुरुआत की
केंद्रीय मंत्री ने आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम, समर्थ पोर्टल की शुरुआत की
नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार को पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की वित्तीय स्वायत्तता मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम और समर्थ पंचायत पोर्टल की शुरूआत की।
कृषि भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन पहल की शुरुआत करते हुए सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वित्तीय रूप से सशक्त और प्रौद्योगिकी से लैस पंचायतें बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की कुंजी हैं।’’ उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को डिजिटल उपकरणों और आय के स्थायी स्रोतों से सशक्त बनाने से सुशासन बेहतर होगा और समावेशी ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
मंत्रालय के अनुसार, आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम के तहत ग्राम और प्रखंड (ब्लॉक) पंचायतों को स्थानीय परिसंपत्तियों तथा संभावनाओं की पहचान कर उन्हें आय सृजित करने वाली परियोजनाओं में विकसित करने में केंद्र सरकार तकनीकी सहायता प्रदान करेगी।
इन परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कंपनी सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि, विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच समन्वय तथा बैंक ऋण के माध्यम से वित्तपोषण किया जाएगा।
मंत्रालय अगले चार साल में ऐसी 350 परियोजनाएं विकसित करने की योजना बना रहा है। इनमें पहले वर्ष 50 तथा अगले तीन वर्ष में हर साल 100 परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मंत्री ने समर्थ पंचायत पोर्टल की भी शुरूआत की। यह एक डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायतें अपनी स्वयं की आय के स्रोतों का प्रबंधन कर सकेंगी। इसमें करदाताओं का पंजीकरण, मांग पत्र जारी करना, ऑनलाइन भुगतान, राजस्व संग्रह और वास्तविक समय में निगरानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मंत्रालय ने बताया कि छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश पहले ही इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं।
मंत्रालय ने मॉडल ‘राजस्व के अपने स्रोत’ नियम भी जारी किए। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक परामर्शदायी रूपरेखा है, जिसका उद्देश्य संपत्ति कर, उपयोगकर्ता शुल्क, फीस तथा अन्य गैर-कर राजस्व के आकलन, संग्रहण और प्रबंधन को मजबूत करना है।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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