तमिलनाडु में बिजली कटौती को लेकर विधानसभा में हंगामा, ऊर्जा मंत्री ने पिछली सरकार पर साधा निशाना

तमिलनाडु में बिजली कटौती को लेकर विधानसभा में हंगामा, ऊर्जा मंत्री ने पिछली सरकार पर साधा निशाना

तमिलनाडु में बिजली कटौती को लेकर विधानसभा में हंगामा, ऊर्जा मंत्री ने पिछली सरकार पर साधा निशाना
Modified Date: June 22, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: June 22, 2026 9:32 pm IST

चेन्नई, 22 जून (भाषा) तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार ने सोमवार को दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बिजली अवसंरचना के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर तीन दिनों के भीतर एक श्वेतपत्र जारी किया जाएगा।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन द्वारा लगातार बिजली कटौती से जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु विद्युत बोर्ड (टीएनईबी) पर 2.5 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच से 15 वर्षों के दौरान अवसंरचना विकास के लिए कोई काम नहीं किया गया। सरकार तीन दिनों में इस विषय पर विस्तृत श्वेतपत्र पेश करेगी।’’

ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि टीएनईबी में 70,000 पद रिक्त हैं, जिसके कारण विभाग कर्मचारियों की गंभीर कमी से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद मौजूदा सरकार ने बिजली कटौती की समस्याओं से निपटने के लिए 125 समितियों का गठन किया है तथा 500 लोगों को संविदा पर नियुक्त किया है।

इस पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार में पूर्व बिजली मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने 393 उपकेंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी और उसका अधिकांश कार्य पूरा भी कर लिया गया था।

बालाजी ने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 90,000 ट्रांसफॉर्मर खरीदे गए थे।

बालाजी ने सरकार को सलाह दी कि वह बिजली वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करे, न कि हर समस्या के लिए पिछली सरकार को दोषी ठहराए।

इस पर हस्तक्षेप करते हुए निर्मल कुमार ने कहा कि पिछली सरकार ने केवल घोषणाएं कीं, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया।

निर्मल कुमार ने कहा, ‘‘90,000 ट्रांसफॉर्मरों में से 44,000 की खरीद कथित अनियमितताओं के आरोपों के कारण एक केंद्रीय एजेंसी की जांच के दायरे में है।’’

अन्नाद्रमुक सदस्य एग्री कृष्णमूर्ति ने मंत्री की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के कार्यकाल में राज्य बिजली अधिशेष वाला प्रदेश बन गया था और केरल, कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों को अतिरिक्त बिजली भी भेजी जाती थी।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष


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