उत्तम नगर हिंसा: उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को दिल्ली पुलिस आयुक्त से संपर्क करने को कहा

उत्तम नगर हिंसा: उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को दिल्ली पुलिस आयुक्त से संपर्क करने को कहा

उत्तम नगर हिंसा: उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को दिल्ली पुलिस आयुक्त से संपर्क करने को कहा
Modified Date: March 25, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: March 25, 2026 10:08 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने होली के दिन दिल्ली के उत्तम नगर में हुई झड़प में मारे गए 26 वर्षीय तरुण बुटोलिया के परिवार के सदस्यों की सुरक्षा का अनुरोध करने वाले याचिकाकर्ताओं से दिल्ली पुलिस आयुक्त से संपर्क करने को कहा है।

दो पड़ोसी परिवारों के बीच चार मार्च को हुई झड़प में घायल होने के बाद तरुण की मौत हो गई थी। यह झड़प तब शुरू हुई जब एक समुदाय की लड़की द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा गलती से दूसरे समुदाय की एक महिला को लग गया था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने मामले में सीबीआई जांच से इनकार करते हुए बुधवार को कहा कि यदि दिल्ली पुलिस द्वारा इस मुद्दे का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं किया जाता है, तो याचिकाकर्ता दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ताओं ने चार मार्च, 2026 की उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में कुछ निर्देश मांगे हैं, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी।’’

पीठ ने कहा, ‘‘…हमें पता चला है कि मांगे गये कुछ दिशा-निर्देश मूलतः पीड़ित परिवार के सदस्यों की सुरक्षा से संबंधित प्रशासनिक मुद्दे हैं।’’

इसने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि पुलिस अधिकारी खतरे की आशंका का मूल्यांकन करेंगे और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक उपाय करेंगे।’’

पीठ ने कहा, ‘‘यदि याचिकाकर्ताओं की शिकायतों का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं किया जाता है, तो उन्हें (दिल्ली) उच्च न्यायालय में जाने की स्वतंत्रता दी जाती है।’’

याचिकाकर्ताओं के वकील की दलीलें सुनने के बाद, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘‘हर दिन सीबीआई के लोग आते हैं और हाथ खड़े कर देते हैं……… उनके हाथ पहले से ही भरे हुए हैं।” जिस पर वकील ने कहा कि याचिका में सीबीआई जांच के लिए दबाव नहीं डाला जा रहा है, बल्कि परिवार की सुरक्षा के लिए उपाय किये जाने का अनुरोध किया गया है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कृपया दिल्ली उच्च न्यायालय जाइए। जांच जारी है। दिल्ली पुलिस काफी पेशेवर पुलिस बल है। इस तरह पूरे बल का मनोबल मत गिराइए।’’

भाषा

देवेंद्र अमित

अमित


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