ईंधन बचत का संदेश देने के लिए स्कूटर की सवारी करने वाले उतराखंड के कृषि मंत्री विवाद में फंसे
ईंधन बचत का संदेश देने के लिए स्कूटर की सवारी करने वाले उतराखंड के कृषि मंत्री विवाद में फंसे
देहरादून, 11 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ईंधन बचाने का संदेश देने के लिए स्कूटर से अपने कैंप कार्यालय पहुंचे उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की मियाद खत्म हो चुके वाहन का इस्तेमाल करने के लिए ‘ट्रोल’ किया जा रहा है।
गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए जोशी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध एवं वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान पर ईंधन बचत का संदेश देने के लिए सरकारी वाहन की जगह दुपहिया वाहन का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
जोशी ने कैंप कार्यालय तक की करीब ढाई से तीन किलोमीटर की दूरी दुपहिया वाहन से तय की। इस दौरान उनका ड्राइवर उनकी कार लेकर उनके वाहन के पीछे आता रहा।
इस मौके पर जोशी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह संसाधनों का संयमित इस्तेमाल करे और अनावश्यक ईंधन खपत से बचे।
प्रदेशवासियों से छोटी दूरी के लिए दुपहिया वाहनों का इस्तेमाल करने की अपील करते हुए मंत्री ने कहा कि वह खुद भी दुपहिया वाहन का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करेंगे, ताकि आमजन के बीच ईंधन बचत और सादगी का संदेश जाए।
जोशी के ईंधन बचत का संदेश और दुपहिया वाहन की उनकी सवारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
हालांकि, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और फोटो में दिख रही स्कूटर के नंबर से संबंधित जानकारी निकाल ली और थोड़ी ही देर में उसका बीमा और प्रदूषण प्रमाणत्र की अवधि खत्म होने की सूचना सार्वजनिक हो गई, जिसके बाद मंत्री को काफी तीखी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ी।
जोशी ने बताया कि वह अपने सरकारी वाहन से गए थे और लौटने के लिए उन्होंने अपने व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की स्कूटर का इस्तेमाल किया।
मंत्री ने कहा, “जैसे ही उन्हें स्कूटर का बीमा और पर्यावरण प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल इनका नवीनीकरण करा लिया।”
भाषा
दीप्ति पारुल
पारुल

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