उत्तराखंड : विवाद के बाद मंत्री ने बेटे की शादी राजाजी बाघ अभयारण्य से बाहर स्थानांतरित की

उत्तराखंड : विवाद के बाद मंत्री ने बेटे की शादी राजाजी बाघ अभयारण्य से बाहर स्थानांतरित की

उत्तराखंड : विवाद के बाद मंत्री ने बेटे की शादी राजाजी बाघ अभयारण्य से बाहर स्थानांतरित की
Modified Date: April 26, 2026 / 10:18 pm IST
Published Date: April 26, 2026 10:18 pm IST

ऋषिकेश, 26 अप्रैल (भाषा) राजाजी बाघ अभयारण्य (आरटीआर) के अंदर भव्य आयोजन को लेकर वन विभाग द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बेटे का विवाह बेहद सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।

हालांकि, वन विभाग ने अभयारण्य की हरिद्वार रेंज में स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर की समिति के विरूद्ध बिना जरूरी मंजूरी लिए बड़े पैमाने पर आयोजन की अनुमति देने के लिए मामला दर्ज किया है।

प्रदेश के वन विभाग के प्रमुख (हॉफ) रंजन कुमार मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विभाग ने मंत्री से अनुरोध किया था कि वह विवाह का मांगलिक कार्य अभयारण्य की सीमा से बाहर आयोजित कर लें।

उन्होंने कहा, ‘‘मंत्री ने इस मामले में सहयोगी रूख अपनाया जिसके बाद शनिवार रात वहां लगे शामियाने और अन्य सामान हटवा दिए गए।’’

मंत्री ने कहा कि वह और उनका परिवार इस प्राचीन मंदिर में 11 वर्षों से भी अधिक समय से आते रहे हैं और आस्था के कारण उन्होंने अपने बेटे का विवाह यहां संपन्न कराने के बारे में सोचा।

दास ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा,‘‘हमने मंदिर समिति और विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद मंदिर परिसर को सजाया था। अगर कोई समस्या थी, तो वे हमें पहले ही बता सकते थे।’’

मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा आपत्ति प्रकट किए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों ने हमसे मंदिर स्थल को खाली करने को कहा जिसके बाद तत्काल शामियाने और सजावट आदि हटा दिए गए।

दास ने कहा, ‘‘हमने वहां बहुत सादगी से फेरे और पूजा की अन्य रस्में कीं, जिसमें केवल 50-60 लोग ही शामिल हुए।’’ उन्होंने बताया कि शादी की दावत का आयोजन स्थल ऋषिकेश में एक फार्म हाउस में स्थानांतरित कर दिया गया।

अभयारण्य के कार्यवाहक निदेशक राजीव धीमान ने कहा कि बिना मंजूरी लिए एक बड़ा आयोजन करवाने को लेकर सुरेश्वरी मंदिर समिति के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

धीमान ने कहा कि हरिद्वार रेंज के कर्मियों से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है कि कैसे वन क्षेत्र में सामान अंदर तक पहुंच गया।

दास प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं।

भाषा सं दीप्ति धीरज

धीरज


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