उत्तराखंड एसटीएफ ने जम्मू-कश्मीर से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया

उत्तराखंड एसटीएफ ने जम्मू-कश्मीर से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया

उत्तराखंड एसटीएफ ने जम्मू-कश्मीर से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया
Modified Date: April 8, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: April 8, 2026 10:09 pm IST

देहरादून, आठ अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड एसटीएफ ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह को बेनकाब करने का दावा करते हुए इसके दो सदस्यों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी ।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने यहां बताया कि बड़गाम के रहने वाले शौकत हुसैन मलिक तथा बिलाल अहमद की गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ टीम को बहुत चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा क्योंकि स्थानीय भीड़ ने थाने से लेकर न्यायालय तक दबाव बनाने का प्रयास किया।

उन्होंने बताया कि लेकिन टीम आरोपियों का रिमांड हासिल करने में सफल रही ।

एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, बैंकों के कई एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं संदिग्ध लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं जिनसे कई राज्यों में फैली संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।

उन्होंने बताया कि देहरादून के 71 वर्षीय एक व्यक्ति ने साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज करायी थी कि 21 नवंबर 2025 को अज्ञात व्यक्तियों ने स्वयं को दिल्ली पुलिस तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो का अधिकारी बताते हुए उनके नाम से दिल्ली स्थित बैंक खाते के माध्यम से धनशोधन होने की झूठी जानकारी दी।

सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारी के भेष में आरोपियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर फर्जी दस्तावेज एवं गैर-जमानती वारंट दिखाकर शिकायतकर्ता को डराया तथा बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर 65 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करवा लिये ।

उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद, शिकायतकर्ता को स्वयं के साथ ठगी होने का आभास हुआ जिस पर उसने थाने में शिकायत दर्ज करायी ।

सिंह ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा व्हाट्सअप कॉल से संबंधित डेटा प्राप्त किया गया जिसके विश्लेषण से मलिक तथा अहमद के नाम सामने आए ।

एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय व्यक्तियों ने थाना परिसर से लेकर न्यायालय परिसर तक एकत्र होकर एसटीएफ टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया ।

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद टीम ने धैर्य एवं संयम से काम लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष प्रस्तुत करते हुए उनका पुलिस रिमांड प्राप्त किया ।

सिंह ने बताया कि पूर्व में इस क्षेत्र के स्थानीय थाने पर ग्रेनेड से हमले की घटनाएं हो चुकी हैं जिसे देखते हुए अत्यंत संवेदनशीलता के साथ इस अभियान को संपन्न किया गया ।

उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा कर एटीएम कार्ड एवं मोबाइल फोन के माध्यम से उसकी निकासी की जाती थी ।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेतु आरोपियों द्वारा जिन बैंक खातों का प्रयोग किया गया, उनमें मात्र कुछ माह में ही लाखों रुपयों का लेन-देन सामने आया है।

सिंह ने कहा कि जांच में यह भी पाया गया कि इन बैंक खातों के विरुद्ध उत्तराखंड सहित देश के सात राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं । एसएसपी ने बताया कि इसके संबंध में अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।

भाषा दीप्ति राजकुमार

राजकुमार


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