उत्तराखंड: कट्टे में बंद मिले महिला के शव की हुई शिनाख्त, हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार
उत्तराखंड: कट्टे में बंद मिले महिला के शव की हुई शिनाख्त, हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार
देहरादून, 19 मार्च (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून में प्रेमनगर क्षेत्र के जंगल में करीब आठ दिन पहले एक कट्टे में बंद मिले महिला के शव की पहचान बिहार निवासी रुपा के रूप में हुई और पुलिस ने हत्या के आरोप में बृहस्पतिवार को उसके पहले पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरोपी की पहचान बिहार के सहरसा जिले के निवासी रंजीत शर्मा (32) के रूप में हुई है, जो पिछले 12 साल से देहरादून में मजदूरी कर रहा था।
उन्होंने बताया कि इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के छह किलोमीटर के दायरे में 30 से अधिक मलिन एवं झुग्गी बस्तियों में 5000 से अधिक परिवारों का सत्यापन किया, जिसके बाद आरोपी तक पहुंचा गया। अधिकारी ने बताया कि 11 मार्च को प्रेमनगर क्षेत्र में बाला सुंदरी मंदिर परिसर के पास जंगल में प्लास्टिक के सफेद कट्टे में 30 से 32 वर्षीया महिला का शव मिला था और प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि महिला की हत्या कहीं और कर शव को वहां फेंका गया था।
उन्होंने बताया कि सड़ने की वजह से शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी और इस संबंध में झाझरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित शर्मा की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
चिकित्सकों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
डोबाल ने बताया कि मृतका के पहनावे के आधार पर की गई जांच के दौरान पता चला कि ‘कॉसवाली कोठरी’ क्षेत्र में रहने वाले रंजीत शर्मा के साथ फरवरी से रह रही एक महिला कुछ दिनों से लापता है जबकि उसकी 11 माह की बच्ची आरोपी और उसके साथ रह रही दूसरी महिला के पास थी।
अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच में पता चला कि शर्मा की दो पत्नियां हैं और आठ मार्च को उसने पहली पत्नी व बच्ची को बिहार भेजने के नाम पर मोटरसाइकिल और 1500 रुपये लिए थे।
उन्होंने बताया कि अगले दिन शर्मा ने मोटरसाइकिल लौटाते हुए बताया कि पहली पत्नी बिहार चली गई है।
पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि रुपा उसकी पहली पत्नी थी, जो कुछ वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थी और फरवरी में वह वापस आकर उस पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच विवाद जारी था।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद से परेशान होकर आरोपी ने आठ मार्च को रुपा की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को कट्टे में बंद कर बाला सुंदरी मंदिर के पास फेंक दिया।
अधिकारी ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये और गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक की ओर से 5000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र

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