सात साल जेल की सजा मिलने के बाद वसावा की विधानसभा सदस्यता समाप्त: गुजरात विस उपाध्यक्ष

सात साल जेल की सजा मिलने के बाद वसावा की विधानसभा सदस्यता समाप्त: गुजरात विस उपाध्यक्ष

सात साल जेल की सजा मिलने के बाद वसावा की विधानसभा सदस्यता समाप्त: गुजरात विस उपाध्यक्ष
Modified Date: June 23, 2026 / 08:25 pm IST
Published Date: June 23, 2026 8:25 pm IST

अहमदाबाद, 23 जून (भाषा) गुजरात विधासनभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी ने मंगलवार को कहा कि वन अधिकारियों पर हमला करने और जबरन वसूली के एक मामले में अदालत द्वारा सात साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक चैतर वसावा की विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई है।

इससे पहले दिन में, नर्मदा जिले के राजपीपला कस्बे की एक सत्र अदालत ने वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को 2023 में वन अधिकारियों पर हमला करने और जबरन वसूली के मामले में सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. वी. हीरपरा ने उनपर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सरकारी वकील वंदना भट्ट ने यह जानकारी दी।

अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के कुछ घंटे बाद फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपाध्यक्ष मोदी ने कहा कि वसावा की विधानसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उनकी सीट अब रिक्त मानी जाएगी।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 के तहत स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि यदि किसी विधायक या सांसद को दो वर्ष से अधिक के कारावास की सजा सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता उसी समय समाप्त हो जाती है।’

उन्होंने कहा, ‘यह केवल वसावा के विधानसभा से निलंबन का मामला नहीं है। वह विधायक नहीं रहे और उनकी सीट रिक्त हो गई है। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष को विधि प्रकोष्ठ के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी, लेकिन इस मामले में कानून पूरी तरह स्पष्ट है।’

आदिवासी नेता वसावा नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, हमला 30 अक्टूबर 2023 को हुआ था।

वन अधिकारियों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर उगाई गई कपास की फसल हटा दी थी, जिसके कारण विवाद पैदा हुआ। इसके बाद अधिकारियों को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में स्थित वसावा के आवास पर बुलाया गया।

पुलिस के अनुसार, अपने आवास पर वसावा ने अधिकारियों को धमकाया, उनमें से एक को थप्पड़ मारा और पिस्तौल से हवा में गोली चलाई। वसावा की पत्नी समेत आरोपियों ने फसल हटाने के बदले वन अधिकारियों से कुल 60,000 रुपये की जबरन वसूली की और बाद में वसावा ने साक्ष्य नष्ट कर दिए।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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