वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का अहम हिस्सा: राष्ट्रपति मुर्मू

वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का अहम हिस्सा: राष्ट्रपति मुर्मू

वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का अहम हिस्सा: राष्ट्रपति मुर्मू
Modified Date: May 6, 2026 / 10:56 pm IST
Published Date: May 6, 2026 10:56 pm IST

नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि वियतनाम, भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और नयी दिल्ली उसके साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से व्यापार को विस्तार देने के लिए इच्छुक है।

मुर्मू ने यह भी कहा कि रक्षा और सुरक्षा भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

राष्ट्रपति ने साझा चुनौतियों से निपटने तथा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए वियतनाम के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया, जो पहली राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। इस अवसर पर उन्होंने उनके सम्मान में भोज भी आयोजित किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दशक में दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और भारत संतुलित तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से इसे और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुर्मू ने कहा, ‘‘दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ (आसियान) के साथ हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के भीतर, वियतनाम के साथ हमारे संबंध हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत’ दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।’’ उन्होंने हिंद-प्रशांत महासागर पहल में वियतनाम की भागीदारी की भी सराहना की।

राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-वियतनाम संबंध उच्चस्तरीय आदान-प्रदान, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, विकास साझेदारी तथा व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में व्यापक रूप से बढ़े हैं।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुर्मू ने यह भी बताया कि इस यात्रा के दौरान दुर्लभ खनिज पदार्थ, डिजिटल और वित्तीय तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौते और घोषणाएं की गई हैं।

दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत और वियतनाम के बीच घनिष्ठ सहयोग दोनों देशों की जनता के लिए अत्यधिक लाभकारी हो सकता है।

मुर्मू ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति तो लैम के नेतृत्व में भारत-वियतनाम संबंध और मजबूत होंगे।

भाषा सुरेश अविनाश

अविनाश


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