प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को विजयेंद्र का करारा जवाब

प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को विजयेंद्र का करारा जवाब

प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को विजयेंद्र का करारा जवाब
Modified Date: May 16, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: May 16, 2026 7:06 pm IST

बेंगलुरु, 16 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने शनिवार को कहा कि अगर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार हालिया ईंधन मूल्य वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की उम्मीद करते हैं, तो कांग्रेस के इन दोनों नेताओं को) दो साल पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था।

सिद्धरमैया द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की निंदा करने और इसे तत्काल वापस लेने की मांग करने के एक दिन बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की यह टिप्पणी आई है।

मुख्यमंत्री ने मोदी के इस्तीफे की भी मांग की थी तथा उन्हें जनता को ‘‘विफल’’ बनाने, अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन करने तथा आम परिवारों को और अधिक कठिनाई में धकेलने के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

सिद्धरमैया की मांग खारिज करते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘क्या देश में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को यह नहीं पता कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? अगर वे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो सिद्धरमैया और शिवकुमार को दो साल पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था।’

उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत में बताया कि राज्य में कांग्रेस सरकार ने बिना कोई कारण बताए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं।

भाजपा नेता ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे केवल विरोध करने के लिए विरोध न करें।

पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण ईंधन खुदरा विक्रेताओं को हो रहे भारी नुकसान के बीच, शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जो चार साल से अधिक समय में पहली बार हुई है।

यह वृद्धि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के कुछ हफ्तों बाद हुई है।

विजयेंद्र ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव समाप्त होने तक जानबूझकर मूल्य वृद्धि में देरी की गई थी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव को ध्यान में रखकर कोई निर्णय नहीं लेते हैं।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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