महिला सशक्तीकरण सिर्फ सरकार का ही नहीं, बल्कि सबका कर्तव्य: राष्ट्रपति

महिला सशक्तीकरण सिर्फ सरकार का ही नहीं, बल्कि सबका कर्तव्य: राष्ट्रपति

महिला सशक्तीकरण सिर्फ सरकार का ही नहीं, बल्कि सबका कर्तव्य: राष्ट्रपति
Modified Date: March 2, 2026 / 07:48 pm IST
Published Date: March 2, 2026 7:48 pm IST

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिला सशक्तीकरण को समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताते हुए सोमवार को कहा कि महिलाएं आज सेना, विज्ञान, खेल, राजनीति, प्रशासन और व्यापार सहित हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि हालांकि उन्हें हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक उपेक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।

उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आधी आबादी के सशक्त हुए बिना यह लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।

दिल्ली सरकार के “सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने स्त्री और पुरुष को जीवन रूपी रथ के दो पहिए बताते हुए कहा कि दोनों के समान रूप से सशक्त होने पर ही राष्ट्र प्रगति कर सकता है।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी ‘पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ और दिल्ली सरकार की तीन अन्य महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत करते हुई की।

मुर्मू ने कहा कि ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’, सहेली स्मार्ट कार्ड और दिल्ली लखपति बिटिया जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार की महिला सशक्तीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल, दिल्ली लखपति बिटिया योजना, होली एवं दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर योजना और सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही, लाडली योजना के अंतर्गत 40,642 बालिका लाभार्थियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से स्थानांरित किए गए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी कल्याणकारी योजनाएं दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर समृद्ध दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल, राजनीति, प्रशासन और व्यापार सहित हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक उपेक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तीकरण तब संभव है जब महिलाओं को स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता, आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर, समान अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा प्राप्त हो।

राष्ट्रपति ने कहा, “महिला सशक्तीकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। बेटियों को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना आवश्यक है, ताकि वे बिना भय और दबाव के अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें।”

उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से महिला सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, बेटियों को समान अवसर प्रदान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार की यह पहल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाएगी और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।

उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा कि सशक्तीकरण केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समान अवसर, सुरक्षा, सम्मान और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण को आवश्यक बताया और कहा कि ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ इसका सशक्त उदाहरण है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यह केवल योजनाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और विश्वास के विस्तार का सशक्त संकल्प है। जब बेटी सशक्त होती है तो परिवार सशक्त होता है, जब महिला आत्मनिर्भर बनती है तो समाज आत्मविश्वासी बनता है और जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो विकसित दिल्ली का मार्ग और स्पष्ट हो जाता है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘नारी शक्ति वंदन’ के मंत्र से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार ने महिला सशक्तीकरण को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाए हैं और आज समर्पित की गई चारों योजनाओं का मूल उद्देश्य नारी की गरिमा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना है।

गुप्ता ने कहा, ‘हमारी महिला-केंद्रित सरकार इन चार योजनाओं के माध्यम से बालिका के जन्म से ही सुरक्षा, उनकी शिक्षा में निवेश, परिवहन में आत्मनिर्भरता और रसोई में राहत प्रदान करेगी।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की पिछली सरकार की योजना में कई खामियां थी और उसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश थी। हमारा ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ सिर्फ एक यात्रा कार्ड नहीं बल्कि दिल्ली की महिलाओं के लिए ‘सम्मान का कार्ड’ है।’

गुप्ता ने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण अब सिर्फ एक नीति नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने बताया, “‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ के अंतर्गत लंबे समय से लंबित लाडली योजना की राशि को लाभार्थी बेटियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया और पहले चरण में लगभग 30,000 बालिकाओं को 90 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए भेजे गए और आज राष्ट्रपति की उपस्थिति में 40,000 से अधिक बेटियों के खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई।”

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर स्नातक तक चरणबद्ध तरीके से कुल 61,000 रुपये सरकार द्वारा जमा किए जाएंगे, जो ब्याज सहित परिपक्व होकर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएंगे। इस योजना के लिए बजट में 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ को केवल यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि ‘डिग्निटी कार्ड’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के ‘वन नेशन, वन कार्ड’ विजन के अनुरूप है और डीटीसी बसों के साथ अन्य सार्वजनिक परिवहन माध्यमों में भी उपयोगी होगा जिससे महिलाओं को स्वतंत्रता, सुरक्षा और रोजगार और शिक्षा के अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी।

गुप्ता ने कहा कि रसोई में भी सम्मान और राहत सुनिश्चित करने के लिए होली और दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर देने के वादे को पूरा करते हुए आज ही पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि डीबीटी के जरिए भेजी गई है जिससे महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा।

इस बीच एक बयान में सरकार ने बताया कि होली और दिवाली के अवसर पर दिल्ली के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों के लिए साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना के तहत एक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये सीधे परिवार के मुखिया के खाते में हस्तांतरित की गई है।

इसके मुताबिक, योजना के अनुसार वर्ष 2026 से दिल्ली के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों को प्रतिवर्ष दो एलपीजी सिलेंडर की कीमत के बराबर आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता वर्ष में दो बार, होली और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के अवसर पर प्रदान की जाएगी। इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 242.77 करोड़ रुपये होगा।

बयान के मुताबिक, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) यानी ‘पिंक कार्ड’ दिल्ली की पात्र महिला निवासियों को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देगा, जबकि मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में वे इस के माध्यम से सशुल्क यात्रा की जा सकेगी।

इसमें कहा गया है कि योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी होंगे। पिंक कार्ड महिलाओं के लिए, ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास धारकों के लिए। पहले चरण में पिंक और ब्लू कार्ड जारी किए जाएंगे।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश


लेखक के बारे में