धड़क की कहानी में दम है लेकिन सैराट को पीछे नहीं छोड़ पायेगी
धड़क की कहानी में दम है लेकिन सैराट को पीछे नहीं छोड़ पायेगी
फिल्म धड़क ने पर्दे पर दस्तक दे दी है जिसमें लीड रोल में जाह्नवी कपूर, ईशान खट्टर, आशुतोष राणा हैं.डायरेक्टर शशांक खेतान की धड़क का इंतजार दो वजह से सबसे ज्यादा हो रहा था। एक फिल्म मराठी फिल्म सैराट का हिन्दी रीमेक है और दूसरी श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर का डेब्यू.फिल्म की कहानी उदयपुर से शुरु होती है जिसमें रतन सिंह यानि आशुतोष राणा एक बड़े से होटल के मालिक है। और उनकी दबंगई चलती है..उनकी लाडली बेटी पार्थवी (जाह्नवी कपूर )मामूली से रेस्टोरेंट में काम करने वाले लड़के मधुकर (ईशान खट्टर) के प्यार में पड़ जाती है..दोनों की लव स्टोरी वैसे ही शुरू होती ऐसे आम फिल्मों में दोस्ती मुलाकात और फिर प्यार आगे बढ़ता है और उनकी धड़कते दिलों की धड़क का एहसास पार्थवी के घरवालों को हो जाता है.उन्हें मंजूर नहीं कि उनकी बेटी नीची जाति के गरीब लड़के से प्यार करें और बस पार्थवी और मधुकर के प्यार के दुश्मन पैदा हो जाते है। इस बीच फिल्म की कहानी उदयपुर, मुंबई और कोलकाता पहुंच जाती है.अब मधुरकर और पार्थवी की लवस्टोरी का क्या अंत होता है.ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
थोड़ी हंसाती और बहुत रुलाती है ‘धड़क’…
सैराट ज्यादा अच्छी
3/5 star pic.twitter.com/cVlxl0GkW8— neelam ahirwar raj (@neelamahirwarra) July 20, 2018
बात अगर फिल्म की खूबियों करें तो जाह्नवी कपूर ने फिल्म में पार्थवी का रोल प्ले किया है उनकी पहली फिल्म है और एक्टिंग तो उनके खून में है कोई शक नहीं कि उन्हें हर फ्रेम में बेहद खूबसूरत दिखाया गया है..ईशान खट्टर की एक्टिंग भी लाजवाब है। दोनों के बीच की लव कैमेस्ट्री देखने लायक है..आशुतोष राणा का रोल और बेहतर हो सकता था। बात की जाए कमजोर कड़ी की तो फिल्म सैराट की हिन्दी रीमेक है जाहिर है तुलना तो होगी सैराट काफी सिंपल और देसी अंदाज में बनी थी जिसने शुरूआत से अंत तक लोगों का दिल जीता था.अगर आपने सैराट नहीं देखी है। तो आपको धड़क जरुर पसंद आएगी….खासकर लड़कियों को ये फिल्म खूब पसंद आएगी लेकिन सैराट देखने के बाद आपको धड़क से थोड़ी सी निराशा हाथ लगेगी।
वहीं सैराट का देसी म्यूजिक काफी शानदार था. तो धड़क का म्यूजिक भी आपका दिल जरूर जीतेगा…लेकिन बात वही है धड़क और सैराट की जंग में म्यूजिक भी सैराट का ही जीतता है..धड़क में उदयपुर की लोकेशन भी खूबसरत है लेकिन जैसा संघर्ष सैराट में दिखाया गया था वैसा धड़क के कपल के बीच नहीं है। लेकिन जहां फिल्म ‘सैराट’ के अंत ने दर्शकों को अंदर तक हिलाकर रख दिया था। जाह्नवी और ईशान की ‘धड़क भी ऐसा करने में कामयाब हुई है। मेरी तरफ से इस फिल्म को 3/5 स्टार.
वेब डेस्क IBC24

Facebook


