बंगाल में बंगाली सुरक्षित नहीं, बदलाव का समय आ गया: जेपी नड्डा
बंगाल में बंगाली सुरक्षित नहीं, बदलाव का समय आ गया: जेपी नड्डा
जबलपुर, 23 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में बंगाली समुदाय सुरक्षित नहीं है और राज्य को मौजूदा हालात से ‘बचाने’ की जरूरत है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता नड्डा ने यहां सिटी बंगाली क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने एक पूर्व वक्ता के बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि मध्यप्रदेश में बंगाली समुदाय अधिक सुरक्षित है।
नड्डा ने कहा कि यह इस बात को रेखांकित करता है कि पश्चिम बंगाल में ही बंगाली सुरक्षित नहीं हैं, जो विडंबनापूर्ण है।
उन्होंने कहा, “इसलिए अब समय आ गया है कि बंगाल को संदेश दिया जाए कि वहां बदलाव की जरूरत है। जिस बंगाल ने कभी देश का नेतृत्व किया, वही बंगाल आज परेशानी में है। पूरा देश बंगाल के साथ खड़ा हो और उसे उसकी मुश्किलों से बाहर निकाले।”
नड्डा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि देश की एकता व अखंडता के लिए बलिदान देने वाले इन महान नेताओं को स्मरण करते हुए यह भी याद रखना होगा कि “बंगाल एक बार फिर नए संकट से गुजर रहा है।”
उन्होंने कहा, “इस तरह के कुशासन से बंगाल को मुक्त कराना हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह संदेश देना होगा। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आज यह संकल्प लें। आने वाले दिनों में (अप्रैल-मई में) आपको इसका अवसर मिलेगा”।
केंद्रीय मंत्री राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की ओर इशारा कर रहे थे। नड्डा ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बंगाल द्वारा दिए गए नेतृत्व को देश कभी नहीं भूल सकता।
उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस और सुभाष चंद्र बोस जैसी विभूतियों का उल्लेख किया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान का हवाला देते हुए नड्डा ने यह भी कहा कि अगर सुभाष चंद्र बोस को लंबा जीवन मिला होता तो आज भारत का नक्शा अलग होता।
उन्होंने दावा किया, “कांग्रेस के तत्कालीन नेताओं के समझौतावादी रवैये के कारण ही देश का नक्शा बदला।”
भाषा सं दिमो जितेंद्र
जितेंद्र


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