बुरहानपुर के केले को मिला जीआई तमगा

बुरहानपुर के केले को मिला जीआई तमगा

बुरहानपुर के केले को मिला जीआई तमगा
Modified Date: June 23, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: June 23, 2026 9:49 pm IST

इंदौर, 23 जून (भाषा) मध्यप्रदेश में भौगोलिक संकेतक (जीआई) का तमगा हासिल करने वाले खाद्य उत्पादों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब बुरहानपुर जिले में उगाया जाने वाला केला भी इस सूची में शामिल हो गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक बुरहानपुर का केला लंबे समय से अपने विशिष्ट स्वाद, आकर्षक रंग और उच्च गुणवत्ता के लिए जाना जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि जिले की अनुकूल जलवायु, उपजाऊ भूमि और भौगोलिक परिस्थितियां इस फसल की गुणवत्ता को अन्य क्षेत्रों से अलग बनाती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बुरहानपुर में वर्ष 1960 के आस-पास से व्यावसायिक स्तर पर केले की खेती की जा रही है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में करीब 26,120 हेक्टेयर क्षेत्र में केले की खेती हो रही है और लगभग 18,640 किसान इससे जुड़े हैं। अधिकारियों के मुताबिक जिले में सालाना 18.28 लाख टन केले का उत्पादन होता है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिले में 55 से अधिक केला प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। इन इकाइयों में केले से विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि जीआई तमगा मिलने से बुरहानपुर के केले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिलेगी। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने, उत्पाद की ब्रांड पहचान और निर्यात की संभावनाएं बढ़ने के साथ ही इसे नकली या भ्रामक उत्पादों के खिलाफ कानूनी संरक्षण भी प्राप्त होगा।

राज्य के कई खाद्य उत्पादों को पहले ही जीआई तमगा मिल चुका है। इनमें रतलामी सेंव, कड़कनाथ चिकन, रियावन लहसुन, चिन्नौर चावल, सुंदरजा आम, मालवी गराड़ू, सैलाना की बालम ककड़ी और मालवी आलू शामिल हैं।

भाषा हर्ष जोहेब

जोहेब


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