कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को बताया किसानों के लिए खतरा, मप्र विस में किया प्रदर्शन

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को बताया किसानों के लिए खतरा, मप्र विस में किया प्रदर्शन

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को बताया किसानों के लिए खतरा, मप्र विस में किया प्रदर्शन
Modified Date: February 23, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: February 23, 2026 2:36 pm IST

भोपाल, 23 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में सोमवार को विधानसभा में प्रदर्शन किया और इसे किसानों के लिए ‘‘खतरा’’ करार दिया। पार्टी विधायकों ने दावा किया कि इससे कृषि बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।

विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मास्क पहने परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए तथा व्यापार समझौते और किसानों के साथ हो रहे ‘अन्याय’ के खिलाफ नारेबाजी की।

सिंघार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस विधायक दल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रदर्शन राजनीतिक नहीं है, यह देश के अन्नदाता के अधिकारों, गरिमा और भविष्य की रक्षा के लिए उठाई गई एक मजबूत आवाज है।’’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों के लिए एक बड़ा खतरा है। अगर सस्ते विदेशी सोयाबीन, मक्का और कपास भारतीय बाजार में प्रवेश करते हैं तो इसका हमारे मेहनती किसानों, कृषि बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा और गंभीर प्रभाव पड़ेगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की नीतियां लगातार किसान विरोधी रही हैं और कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर संसद तक लड़ती रहेगी।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि सरकार किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले यह सुनिश्चित करे कि देश के किसानों के हितों की रक्षा की जाए और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए।

भारत और अमेरिका इस महीने की शुरुआत में अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक रूपरेखा पर सहमत हुए थे, जिसके तहत अमेरिका शुक्ल 18 प्रतिशत कर देगा। हालांकि, अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने बाद में फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाया गया शुल्क अवैध है।

ट्रंप ने शनिवार को सभी देशों पर शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की।

भाषा ब्रजेन्द्र मनीषा धीरज

धीरज


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