विपक्षी दल एक साथ आ रहे हैं क्योंकि वे अकेले ‘महामानव’ मोदी के खिलाफ नहीं लड़ सकते: चौहान

विपक्षी दल एक साथ आ रहे हैं क्योंकि वे अकेले 'महामानव' मोदी के खिलाफ नहीं लड़ सकते: चौहान

Modified Date: June 24, 2023 / 08:52 pm IST
Published Date: June 24, 2023 8:52 pm IST

(नीलाभ श्रीवास्तव)

ग्वालियर, 24 जून (भाषा) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि विपक्षी दल एक साथ आ रहे हैं, क्योंकि वे ‘‘महामानव’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनावी लड़ाई अकेले नहीं लड़ सकते हैं और जमीनी स्तर पर उनके द्वारा किये गये काम की बराबरी करने में असमर्थ हैं।

चौहान ने यहां अपनी सरकार की ‘लाडली बहना’ योजना के एक कार्यक्रम के इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीट जीतेगी।

राज्य में 230 विधानसभा सीट हैं और इस साल के अंत में चुनाव होने हैं।

चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। वह जहां भी जाते हैं, उनकी जय जय होती है। आपने ऐसा होते हुए अमेरिका में देखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दल उनकी विकास और कल्याण योजनाओं और जमीनी स्तर पर उनके द्वारा किये गये कार्यों की बराबरी नहीं कर सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोग आश्चर्यचकित हैं कि एक व्यक्ति इतना संपूर्ण कैसे हो सकता है और इसलिए मैं कहता हूं कि मोदीजी एक महामानव हैं।’’

चौहान ने कहा कि देश और नागरिक मोदी के नेतृत्व में प्रगति कर रहे हैं और उनके लिए समर्थन की लहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्योंकि विपक्षी दल अकेले नहीं लड़ सकते, इसलिए वे चुनावी लड़ाई लड़ने के लिए एक साथ आए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नहीं तो यही पार्टियां आपस में लड़ती रहती हैं।’’

वह शुक्रवार को पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक को लेकर टिप्पणी कर रहे थे।

कुल 17 विपक्षी दलों ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया है।

कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में अपनी जीत से उत्साहित कांग्रेस द्वारा उनके राज्य में पेश की गई चुनौती के बारे में पूछे जाने पर, चौहान ने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी की जड़ें ‘‘बहुत मजबूत’’ हैं और भाजपा विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीट जीतेगी।

‘लाडली बहना’ योजना के तहत जरूरतमंद महिलाओं की एक चुनिंदा श्रेणी के लिए मौद्रिक लाभ को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने के अपने वादे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति ‘मजबूत’ है, जिससे उनकी सरकार अपने वादे को पूरा करने में समर्थ होगी।

चौहान ने कहा, ‘‘वर्ष 2003 में कांग्रेस शासन में राज्य का बजट 21,000 करोड़ रुपये था जो अब 3.14 लाख करोड़ रुपये है। हमें विश्वास है कि वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ हम ‘लाडली बहना’ योजना के तहत मौद्रिक अनुदान बढ़ाने में सक्षम होंगे।’’

इस योजना के तहत, 23-60 वर्ष की आयु की महिलाओं को कुछ शर्तों के साथ प्रतिमाह 1,000 रुपये दिए जाएंगे। इन शर्तों में यह भी शामिल है कि वे आयकर दाता नहीं हों और उनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम हो।

चौहान ने इस योजना को महिलाओं के लिए ‘‘वित्तीय सशक्तीकरण’’ उपकरण बताया। उन्होंने यहां एक रैली में कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि जरूरतमंद महिलाओं की मासिक आय 10,000 रुपये प्रति माह हो जाये।

उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘लाडली बहना’ योजना आज शुरू नहीं हुई। हमने लड़कियों के लिए ‘लाडली लक्ष्मी’ योजना तब शुरू की थी, जब हमने देखा कि मध्य प्रदेश में लिंगानुपात विषम है और प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में 912 महिलाएं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि किसी लड़की को गर्भ में न मारा जाए और इसलिए हमने ऐसी योजनाएं शुरू कीं जो लड़कियों के साथ-साथ महिलाओं को भी सशक्त बनाती हैं। हमने अपनी बहनों को जितना संभव हो उतना सशक्त बनाने का फैसला किया है।’’

चौहान ने कहा कि स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला मध्य प्रदेश ‘‘देश का पहला राज्य’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं महिलाओं को पंचायतों और स्थानीय निकायों में नेतृत्व करते हुए देखकर खुश हूं। यह महिलाओं का राजनीतिक सशक्तीकरण है। अब इन निकायों में 56 प्रतिशत महिला प्रतिनिधि हैं।’’

चौहान ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा महिलाओं के लिए पंजीकरण दर और स्टांप पेपर शुल्क को कम करने और इसे कुल संपत्ति मूल्य का एक प्रतिशत करने के बाद राज्य में फिलहाल 45 प्रतिशत संपत्ति की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि उनके सभी वादे पूरे हों। उन्होंने राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर लोगों को ‘धोखा’ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कम से कम 900 वादे किये थे, लेकिन अपनी सरकार में एक भी वादा पूरा नहीं किया।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश


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