इंदौर आग हादसा : जीवित बचे शख्स ने कहा, ‘‘घटना के लिए ईवी जिम्मेदार नहीं, चार्जर जुड़ा ही नहीं था’’

इंदौर आग हादसा : जीवित बचे शख्स ने कहा, ‘‘घटना के लिए ईवी जिम्मेदार नहीं, चार्जर जुड़ा ही नहीं था’’

इंदौर आग हादसा : जीवित बचे शख्स ने कहा, ‘‘घटना के लिए ईवी जिम्मेदार नहीं, चार्जर जुड़ा ही नहीं था’’
Modified Date: March 19, 2026 / 05:23 pm IST
Published Date: March 19, 2026 5:23 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 19 मार्च (भाषा) इंदौर में तीन मंजिलों वाले घर में लगी भीषण आग में जीवित बचे एक शख्स ने बृहस्पतिवार को कहा कि हादसे के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का चार्जिंग पॉइंट कतई जिम्मेदार नहीं है क्योंकि घटना के वक्त इस गाड़ी को चार्ज नहीं किया जा रहा था।

इस शख्स के बयान से अग्निकांड की गुत्थी उलझ गई है क्योंकि पुलिस ने बुधवार को दावा किया था कि घर के बाहर बिजली से चार्ज हो रही कार के चार्जिंग पॉइंट में धमाके के बाद पहले इस चार पहिया वाहन में लगी और फिर लपटों ने पूरे घर को अपनी जद में ले लिया।

इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि अग्निकांड की विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी और विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

शहर की ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में कारोबारी मनोज पुगलिया के घर में बुधवार तड़के आग लगने से पुगलिया, उनकी बहू सिमरन और उनके छह अन्य करीबी रिश्तेदारों की मौत हो गई थी। इनमें दो बच्चे भी शामिल थे।

पुगलिया के बेटे सौरभ भी अग्निकांड के वक्त घर में थे, लेकिन वह अपने तीन अन्य परिजनों के साथ वक्त रहते घर से बाहर निकल आए थे।

सौरभ ने संवाददाताओं से कहा,‘‘अग्निकांड के लिए ईवी (कार) का चार्जिंग पॉइंट जिम्मेदार नहीं है। हम रोज कार को चार्ज करते हैं। लेकिन उस दिन (मंगलवार रात) किस्मत से हमने कार को चार्ज करने के लिए बिजली के चार्जिंग पॉइंट से नहीं जोड़ा था।’’

उन्होंने कहा कि जब कार से कोई चार्जर जुड़ा ही नहीं था, ऐसे में उसके चार्जिंग पाइंट में आखिर कैसे आग लग सकती है या इसमें शॉर्ट सर्किट कैसे हो सकता है? सौरभ ने कहा,‘‘इंस्टाग्राम पर जो वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, उनमें आप देख सकते हैं कि मेरे घर के बाहर लगे बिजली के खंभे के ऊपर धमाका हो रहा है और इसकी चिंगारियां नीचे गिर रही हैं।’’

पुलिस ने यह दावा भी किया था कि पुगलिया के घर के दरवाजों पर इलेक्ट्रॉनिक ताले लगे थे और इलाके की बिजली काटे जाने के बाद पुलिस को दरवाजे तोड़कर अंदर जाने में मुश्किल पेश आई।

इस दावे के उलट पुगलिया के बेटे सौरभ ने कहा,‘‘गलत बात कही जा रही है कि मेरे घर इलेक्ट्रॉनिक ताले लगे थे। मेरे घर में कोई इलेक्ट्रॉनिक ताला नहीं है। मेरा घर अब भी खुला है और आप खुद जा कर इसकी जांच कर सकते हैं।’’

अग्निकांड में जीवित बचे चार लोगों में शामिल शख्स ने बचाव अभियान शुरू किए जाने में देरी का आरोप भी लगाया और कहा कि अगर दमकल की गाड़ी और एम्बुलेंस वक्त रहते मौके पर जाती, तो उसके परिवार के आठ लोगों की जान बच सकती थी।

इससे पहले, प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सौरभ और उनके शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए घटना की पूरी जानकारी ली। यादव ने संवाददाताओं से कहा,‘‘मैंने अग्निकांड की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को बुधवार को ही भोपाल से मौके पर भेज दिया था। हम विशेषज्ञों से इस घटना की जांच कराएंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि घर के बाहर आग लगने से पूरा घर जल जाने की घटना बेहद दु:खद और कष्टकारी है।

यादव ने कहा,‘‘हम घटना की पूरी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करेंगे और इसके बाद उचित कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।’’

भाषा हर्ष जितेंद्र

जितेंद्र


लेखक के बारे में