#IBC24MINDSUMMIT: बजट से ज्यादा कर्ज में है सरकार? विपक्ष के आरोपों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का करारा जवाब
बजट से ज्यादा कर्ज में है सरकार? विपक्ष के आरोपों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का करारा जवाब Kailash Vijayvargiya on IBC24 MIND SUMMIT: Kailash Vijayvargiya spoke about the debt burden on government
Kailash Vijayvargiya on IBC24 MIND SUMMIT | Source : IBC24
भोपाल: Kailash Vijayvargiya on IBC24 MIND SUMMIT मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार यानी आज देश की दिग्गज हस्तियां मध्यप्रदेश के सरोकार से जुड़े विषयों पर अपनी राय जाहिर करने के लिए एक मंच पर आ रही हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद चैनल IBC24 ये मंच मुहैया करा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। कार्यक्रम के ऑफ द रिकॉर्ड सेशन में मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य और नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए। कैलाश विजयवर्गीय को राजनीति के कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। IBC24 के माइंड समिट के महामंच में उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
सरकार की ओर से लिए जा रहे कर्ज को लेकर विपक्षी लगातार सवाल उठा रहे हैं। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार में विदेशी निवेश आया है। हमारे पास विदेशी मुद्रा जमा है। हमारे पास सोना यूपीए सरकार से चार गुना है। हमने हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत की है। उससे हमारी सैन्य शक्ति भी बढी है। मुझे कहते हुए गर्व है कि 2014 में हमारी सेना देश के विश्व की 10 बड़ी सेनाओं में 10वें नंबर पर थी। मुझे कहते हुए अब विश्व के अंदर हमारी सेना नंबर तीसरे और चौथे नंबर पर आता है। हर क्षेत्र में हमारा विकास हुआ है। आप किसी भी क्षेत्र में चले जाइए यह हमारी विशेषता है कि हमने देश को हर क्षेत्र में मजबूत करने की कोशिश की।
‘सीएम मोहन यादव बहुत उर्जावान है’
राष्ट्रीय राजनीति से राज्य की राजनीति में फिर से आने और मोहन यादव सरकार में एक साल काम करने के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैंने संगठन में भी काम किया और सत्ता में भी काम किया और अभी भी कर रहा हूं। मैंने उमा भारती जी, स्व. बाबूलाल गौर जी, शिवराज सिंह चौहान जी के साथ काम किया और अब डॉ. मोहन यादव की अगुवाई सरकार का हिस्सा हूं। पहले हमसे बराबर या सीनियर लोग थे और अब हमसे जूनियर मुख्यमंत्री है। ज्यादा ऊर्जावान हैं, ज्यादा काम करने की क्षमता और एक नया सोच भी है और इसलिए एक वर्ष का अच्छा अनुभव है। हमारी सरकार की अगुवाई में प्रदेश ने हर क्षेत्र में काफी प्रगति की है।
जूनियरों के साथ तालमेल में कोई दिक्कत आई?
जूनियर नेताओं के साथ काम करने में तालमेल की दिक्कत संबंधी एक सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की विशेषता यह है कि हमारे यहां व्यक्ति काम नहीं करता, एक टीम काम करती है और हम लोग टीम वर्क से काम करते हैं, इसलिए कभी लगता नहीं कि कौन सीनियर है और कौन जूनियर है? जैसे मैं उदाहरण बताऊं आपको कि राजनाथ जी कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। राजनाथ जी जब वहां जाते थे तो मोदी जी उनको लेने आते थे और अब मोदी जी लखनऊ जाते हैं तो राजनाथ जी लेने आते हैं। यह एक प्रोटोकॉल है और हमारे यहां जो व्यक्ति जिस जवाबदारी में है, उस जवाबदारी के साथ सब कार्यकर्ता पीछे उसके टीम बनाकर काम करते हैं। इसलिए कभी तालमेल को लेकर गड़बड़ की स्थिति नहीं बनी। यह बात सही है कि मोहन जी हम सबसे जूनियर है, पर कभी ऐसा नहीं लगा। एक लीडर लीडर होता है और वह भी वरिष्ठ मंत्रियों को उतना ही सम्मान देते हैं।
चुनाव में महिला वोट्स की निर्णायक भूमिका, क्या इसे बैलेंस करना चुनौती पूर्ण है?
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए काम कर रहा है और एक तरफ विपक्ष काम कर रहा है। विपक्ष में नेतृत्व किसका यह तो आपको भी ढूंढना पड़ेगा। विपक्ष एक एजेंडा है, जिसके ऊपर वो जोर देते हैं वो हैं जाति के आधार पर जनगणना। एक तरफ मोदी जी हैं जो कहते हैं कि मेरी चार जातियां हैं, पहला महिला सशक्तिकरणस दूसरा किसान सशक्तिकरण, तीसरा युवा सशक्तिकरण और चौथा गरीब कल्याण। हम लोग सिर्फ इन चार वर्गों को तरफ ध्यान देते हैं, उनके विकास के लिए काम करते हैं। मोदी जी के पहले कभी किसानों को सम्मान निधि की राशि नहीं मिली, एमएसपी पर फसलों की खरीदी नहीं की। उन्होंने कहा कि गरीब पहले कल्याण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना नहीं बनी। देश में एक समय इंदिरा आवास योजना आई थी। उस समय एक पंचायत में एक मकान और कभी-कभी तो दो पंचायत के बीच में एक मकान मिलता था। कहते थे आधा-आधा बनाओ। आज एक-एक पंचायत में 200, 250, 500 मकान मिलते हैं। कोई सोच सकता है कि इस देश के अंदर 4 करोड़ मकान गरीबों के बने हैं। पहले देश में भुखमरी से लोगों की मौत होती थी, लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में किसी गरीब की भूख से मौत नहीं हुई है। हर गरीब के घर में प्रधानमंत्री अन्न योजना के माध्यम से प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज पहुंच रहा है। यह गरीब कल्याण, यह किसान कल्याण, यह महिला कल्याण इसके लिए काम हम कर रहे हैं। यदि बजट की बात करें तो 2004 में जब यूपीए की सरकार आई तब बजट 6 लाख करोड़ का था। 2014 में लगभग 13 करोड़ का था। आज हमारी सरकार का बजट है लगभग 40 करोड़ का है। हमारी आर्थिक स्थिति बढ़ी है। पिछले सरकारों ने कभी नहीं सोचा।

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