दुनिया का बड़ा हिस्सा ऊर्जा संकट का सामना कर रहा लेकिन भारत प्रगति कर रहा: हरिवंश

दुनिया का बड़ा हिस्सा ऊर्जा संकट का सामना कर रहा लेकिन भारत प्रगति कर रहा: हरिवंश

दुनिया का बड़ा हिस्सा ऊर्जा संकट का सामना कर रहा लेकिन भारत प्रगति कर रहा: हरिवंश
Modified Date: March 31, 2026 / 11:48 pm IST
Published Date: March 31, 2026 11:48 pm IST

भोपाल, 31 मार्च (भाषा) राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मंगलवार को कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और हमारा देश चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करते हुए नया इतिहास रच रहा है।

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और देशों पर इसके प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के एक बड़े हिस्से को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भारत अपनी प्रगति को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा, “उत्तरी अमेरिका, यूरोप, पश्चिम एशिया और कुछ अन्य एशियाई देशों के कई हिस्सों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। कुछ इलाकों में बिजली कटौती हो रही है तो कहीं लॉकडाउन जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है। लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद भारत सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है।”

हरिवंश ने कहा, “भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। यह (भारत) चुनौतियों पर काबू पाकर एक नया इतिहास रच रहा है और 21वीं सदी इस देश (भारत) की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ काम करना आवश्यक है।”

राज्यसभा के उपसभापति भोपाल में युवा विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों – मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उपसभापति ने याद किया कि जब वह 2014 में सांसद बने थे, तो उन्हें कागजों के ढेर मिलते थे और उन्हें अपने घर पर रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती थी। उन्होंने कहा, “लेकिन आज, वही संसद पूरी तरह से कागज रहित हो गई है।’ पत्रकार से सांसद बने हरिवंश ने कहा कि प्रौद्योगिकी अवसर प्रदान करती है, विशेष रूप से कृत्रिम मेधा (एआई)।”

हरिवंश ने कहा, “इस पर दो दृष्टिकोण हैं, एक तरफ इसे एक चुनौती माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ, यह महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करता है। जिन राज्यों या देशों ने धीमी गति से विकास का अनुभव किया है, उनके लिए प्रौद्योगिकी प्रगति का अवसर प्रदान करती है।”

साल 2018 में राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हरिवंश ने कहा कि एआई के माध्यम से तेजी से प्रगति संभव है, बशर्ते परिवर्तनकारी तकनीक का सही तरीके से उपयोग किया जाए, जो मशीनों को मानव जैसे समस्या-समाधान कार्यों को करने में सक्षम बनाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य विकास के केंद्र हैं क्योंकि कानून और व्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

उपसभापति ने कहा, “इसलिए, विकास की नींव राज्यों के पास है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में उन्होंने देश के कई शहरों का दौरा किया और पाया कि यातायात और अन्य गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं।

हरिवंश इसे भारत के लचीलेपन और संकट प्रबंधन का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “यह पिछले 10 से 11 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के कारण संभव हुआ है, क्योंकि भारत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों जैसी आवश्यक वस्तुओं का आयात करता है।”

मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समर्पण के साथ काम करना होगा।

तोमर ने कहा, “विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार हो सकता है जब हमारे युवा विधायक समर्पण और दूरदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 2047 तक विकसित भारत का सपना सिर्फ सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ नागरिकों का संकल्प है।

भाषा ब्रजेन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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