मप्र: गैरकानूनी रेत खनन में शामिल होने के आरोप में 19 लोग जिला बदर
मप्र: गैरकानूनी रेत खनन में शामिल होने के आरोप में 19 लोग जिला बदर
मुरैना, 23 जून (भाषा) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए प्रशासन ने मंगलवार को 19 लोगों को एक वर्ष के लिए पांच जिलों से जिलाबदर कर दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मुरैना कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा की रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियां न केवल लोक व्यवस्था के लिए खतरा थीं बल्कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही थीं।
अधिकारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ अवैध रेत खनन, परिवहन और बिक्री से संबंधित विभिन्न मामले दर्ज पाए गए तथा इन तथ्यों के आधार पर जिला दंडाधिकारी ने उनके खिलाफ जिलाबदर के आदेश जारी किए।
आदेश के तहत सभी 19 व्यक्तियों को एक वर्ष तक मुरैना, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर और शिवपुरी जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवधि के दौरान वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
अधिकारी ने बताया कि जिलाबदर किए गए लोगों में रामनिवास गुर्जर, रणवीर गुर्जर, दरुआ गुर्जर, सुल्तान गुर्जर, भवूति गुर्जर, साहेब सिंह गुर्जर, बालिस्टर गुर्जर, माखन गुर्जर, टाइगर उर्फ भूपेंद्र गुर्जर, चीकू गुर्जर, अफसर सिंह गुर्जर, पप्पू गुर्जर, शेरा उर्फ जबरा गुर्जर, बादशाह गुर्जर, केशव सिंह, भरत गुर्जर, धारा सिंह गुर्जर, ओमवीर गुर्जर और नागेंद्र गुर्जर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीव आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भाषा सं दिमो जितेंद्र
जितेंद्र

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