मध्यप्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को रियायती दर पर गाय देगी : मंत्री
मध्यप्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को रियायती दर पर गाय देगी : मंत्री
भोपाल, दो जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की लाभार्थियों को जल्द ही रियायती दर पर गाय उपलब्ध कराएगी। राज्य के पशुपालन एवं डेयरी (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री लखन पटेल ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मध्यप्रदेश में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के तहत महिला लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
पटेल ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, “लाड़ली बहना योजना की महिला लाभार्थियों को रियायती दर पर गाय दी जाएगी। राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार जल्द एक नयी योजना लाएगी।”
उन्होंने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री से लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को रियायती दर पर गाय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यह बहुत अच्छी योजना है और मुख्यमंत्री मोहन यादव जल्द इसकी घोषणा करेंगे।”
मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “जब हमारे पास दूध देने वाली गाय और भैंस अधिक संख्या में होंगी, तभी हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बन सकेंगे।”
केंद्र सरकार की ओर से नवंबर 2025 में जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने इस प्रस्तावित योजना को चुनावी “दिखावा” करार दिया। मध्प्रयदेश की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल दिसंबर 2028 में समाप्त होना है।
अग्रवाल ने कहा, “जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, ये लोग भोली-भाली जनता को गुमराह करने का काम करेंगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 3,000 रुपये देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। ये लोग कोई महत्वपूर्ण काम नहीं करेंगे, केवल बहाने बनाएंगे।”
अधिकारियों ने बताया कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का आधार बन गई है।
उन्होंने कहा कि नियमित वित्तीय सहायता से परिवार में निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, पोषण और स्वास्थ्य के स्तर में सुधार हुआ है तथा ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में उनकी आर्थिक भूमिका मजबूत हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, जून 2023 में योजना शुरू होने के बाद से अप्रैल 2026 तक 1.22 करोड़ महिला लाभार्थियों के खातों में 35 मासिक किस्तों के माध्यम से कुल 55,926.51 करोड़ रुपये अंतरित किए जा चुके हैं।
भाषा
सं दिमो पारुल
पारुल

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