48 साल से ताले में बंद महादेव.. मुक्त कराने उमा भारती खोल सकती हैं मोर्चा

Edited By: , April 7, 2022 / 01:29 PM IST

रायसेन, मध्यप्रदेश। राज्य के सबसे पुराने किलों में शुमार रायसेन के किले में बने शिव मंदिर में लगे ताले के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। ताला खुलवाने 11 अप्रैल को उमा भारती रायसेन जा सकतीं हैं। बता दें पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंदिर के ताले खोले जाने की अपील की है। मंदिर साल में केवल 12 घंटे के लिए शिवरात्रि में ही खुलता है।

पढ़ें- ‘बड़े दिन बाद दिखे डॉक्टर साहब’.. रमन सिंह से पान वाला बोल पड़ा तो सीएम बघेल ने भी ले ली चुटकी

पंडित प्रदीप मिश्रा के मुताबिक साल 1974 से तालाबंदी में ही पूजे जा रहे सोमेश्वर महादेव है। उन्होंने कहा है कि यह सदियों पुराना मंदिर है। राजा पूरणमल को हराकर यहां मस्जिद बनाई गई थी। इसके ऐतिहासिक साक्ष्य हैं। रायसेन प्रदेश के प्राचीन शहरों में शुमार है। यहां राजा राय का शासन रहा है। इनका सीधा रिश्ता चितौड़गढ़ की महारानी पद्मावति से था।

रायसेन शहर में पहाड़ी पर एक विशाल किला बना हुआ है। यह किला हजारों साल पुराना है। इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव कहते हैं, इस किले में विशाल शिवमंदिर है। इस मंदिर को हर वर्ष महाशिवरात्रि के मौके पर सिर्फ 12 घंटे के लिए खोला जाता है। यह व्यवस्था साल 1974 में बनाई गई थी, जब इस मंदिर को मस्जिद बताए जाने को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति की थी। उस वक्त प्रशासन ने इस मंदिर के गर्भगृह में ताला डाल रखा है।

पढ़ें- 15 अप्रैल के बाद छात्रों का स्कूल जाना नहीं होगा अनिवार्य.. लेकिन शिक्षकों की मौजूदगी जरुरी

धार के भोजशाला के बाद एमपी में यह बड़ा मसला

मध्यप्रदेश के धार जिले में भोजशाला विवाद सभी जानते हैं। एमपी में यह दूसरा बड़ा विवाद बनता जा रहा है। यूं तो किले में एक जगह पर मजार भी बनी हुई है, लेकिन मंदिर को लेकर विवाद गहराया गया है। भोजशाला में भी सरस्वती पूजा को लेकर हर साल विवाद की स्थिति बनती है।

पढ़ें- कोरोना के मामलों ने बनाया नया रिकॉर्ड.. इस देश में हर 16 में से एक व्यक्ति संक्रमित

ऐसी तोप है इस किले में हर बार नाप हो जाता है कम-ज्यादा

इस किले पर बनी मजार के परिसर में एक ऐसी तोप है, जिसे जितनी बार नापो वह उतनी बार ही नया नाप बताती है। यह यहां पर कौतुहल का विषय रहती है। रमजान में इसका इस्तेमाल रोजा सहरी-इफ्तार की सूचना के लिए भी किया जाता था।