दक्षिणी कमान के सैन्य कमांडर ने सुदर्शन चक्र कोर की परिचालन तत्परता की समीक्षा की

दक्षिणी कमान के सैन्य कमांडर ने सुदर्शन चक्र कोर की परिचालन तत्परता की समीक्षा की

दक्षिणी कमान के सैन्य कमांडर ने सुदर्शन चक्र कोर की परिचालन तत्परता की समीक्षा की
Modified Date: February 25, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: February 25, 2026 5:05 pm IST

भोपाल, 25 फरवरी (भाषा) दक्षिणी कमान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने भोपाल दौरे के दौरान सुदर्शन चक्र कोर की परिचालन और प्रशासनिक तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।

एक प्रवक्ता ने बताया कि सैन्य कमांडर ने मिशन तत्परता, नई पीढ़ी के प्रशिक्षण उपक्रम, ड्रोन एवं एल्गोरिद्मिक युद्ध क्षमताओं, विकसित हो रहे संगठनात्मक ढांचे, एआई-सक्षम बल संरचना और आधारभूत संरचना आधुनिकीकरण का मूल्यांकन किया।

प्रवक्ता के अनुसार उन्हें भारतीय सेना के ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी वर्ष’ के अनुरूप तीव्र प्रौद्योगिकी समावेशन की रूपरेखा से भी अवगत कराया गया, जो डिजिटल रूप से सशक्त और डेटा-केंद्रित युद्धक बल के निर्माण की दिशा में प्रगति को रेखांकित करता है।

प्रवक्ता के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने ‘सुदर्शन चक्र एडवांस्ड ड्रोन वॉरफेयर स्कूल’ का भी दौरा किया, जो भविष्य के युद्ध क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने वाला एक प्रमुख संस्थान है। लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के समेकन के महत्व पर जोर दिया और सभी रैंक को गतिशील सुरक्षा परिवेश में सजग एवं मिशन-उन्मुख बने रहने के लिए प्रेरित किया।

दौरे के दौरान उन्होंने भोपाल स्थित दक्षिणी कमान के ‘मिलिट्री-सिविल फ्यूजन नोड’ का निरीक्षण किया, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 50 कार्मिकों के लिए हवाईअड्डा सुरक्षा और आकस्मिक प्रतिक्रिया पर केंद्रित दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण ‘कैप्सूल’ संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय को सुदृढ़ करना है।

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने पूर्व सैनिकों से संवाद किया और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशिष्ट उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को ‘वेटरन अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। एक संवाद सत्र में उन्होंने कल्याण, पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर निरंतर संस्थागत समर्थन का आश्वासन दिया।

‘3 ईएमई सेंटर’ के दौरे के दौरान उन्होंने अग्निवीरों से बातचीत की और उनकी मानसिक दृढ़ता तथा शारीरिक सुदृढ़ता की सराहना करते हुए भविष्य के लिए तैयार सैनिकों के निर्माण में केंद्र की भूमिका की प्रशंसा की।

भाषा दिमो राजकुमार

राजकुमार


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