शह मात The Big Debate: धर्मांतरण पर तनी तलवार.. बयान.. बतंगड़.. लगातार! MP में आक्रामक टिप्पणियों की रेस, धर्म परिवर्तन को रोकने में आखिर क्यों प्रभावी नहीं है प्रशासन?

धर्मांतरण पर तनी तलवार.. बयान.. बतंगड़.. लगातार! Politics heats up in Madhya Pradesh over religious conversions

शह मात The Big Debate: धर्मांतरण पर तनी तलवार.. बयान.. बतंगड़.. लगातार! MP में आक्रामक टिप्पणियों की रेस, धर्म परिवर्तन को रोकने में आखिर क्यों प्रभावी नहीं है प्रशासन?
Modified Date: October 30, 2025 / 11:56 pm IST
Published Date: October 30, 2025 11:56 pm IST

भोपालः MP News एमपी में धर्मांतरण का कहर पूरी रफ्तार के साथ बरप रहा है। महाकोशल, मालवा, निमाड़ और मध्यभारत हर जगह धर्मांतरण के क्रूर मामले देखने को मिल रहे हैं। सीहोर के बरखेवोड़ी गांव में बुधवार को रात के अंधेरे में ईसाई मिशनरी के लोग धर्मांतऱण कराने पहुंचे थे, लेकिन विहिप बजरंगदल ने उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया और आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में भेज दिया। वहीं खंडवा जिले के हरसूद में अरबाज नामक मुस्लिम युवक की ब्लैकमेलिंग और धर्मांतऱण के दबाव से परेशान युवती ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

MP News इधर राजधानी भोपाल में हिंदू युवक को लव जिहाद में फंसाकर उसे गौमांस खिलाने और धर्मांतऱण कराने का मामला सामने आया था। जाहिर है धर्मांतरण से जुड़े मामले सामने आएं और बीजेपी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग ना छिड़े ये असंभव है। बीजेपी नेताओं ने दो टूक लहजे में कहा कि धर्मांतरण बर्दाश्त से बाहर है। धर्मांतरण कराने वालों की जमकर ठुकाई-पिटाई होगी। नया कठोर कानून बनेगा और कोई दोषी बख्शा नहीं जाएगा।

बीजेपी ने जहां धर्मांतरण के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का ऐलान किया तो कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। कुलमिलाकर एमपी में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर सियासी शमशीरें खिंची हुई हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 से 2025 तक MP में लव जिहाद या धर्मांतरण के कुल 283 मामले दर्ज हुए, लेकिन अधिकांशत: केस में ट्रायल होना बाकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सूबे में कठोर धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम कानून होने के बावजूद भी मामले क्यों बढ़ रहे हैं? धर्मांतरण रोकने में प्रशासन क्यों निकम्मा साबित हो रहा है? और सवाल ये भी कि – क्या हिंदुओं के धर्मांतरण के पीछे कोई माड्यूल काम कर रहा? क्या ये डेमोग्राफी बदलने की साजिश है?

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।