मणिकर्णिका घाट पर देवी अहिल्याबाई की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त, कानूनी कदम उठाएंगे : खासगी ट्रस्ट
मणिकर्णिका घाट पर देवी अहिल्याबाई की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त, कानूनी कदम उठाएंगे : खासगी ट्रस्ट
इंदौर (मध्यप्रदेश), 14 जनवरी (भाषा) इंदौर के पूर्व होलकर शासकों की परमार्थिक संपत्तियों का संरक्षण करने वाले एक ट्रस्ट ने वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के विकास के नाम पर देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप लगाया है।
ट्रस्ट ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वह संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा।
देवी अहिल्याबाई, पूर्व होलकर राजवंश की शासक थीं। ट्रस्ट के मुताबिक उन्होंने वर्ष 1791 में मणिकर्णिका घाट का पहली बार जीर्णोद्धार कराया था।
‘द खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटीज ट्रस्ट’ की ओर से बुधवार को जारी बयान के मुताबिक 10 जनवरी को बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के नगर निगम के अधिकारियों के कथित निर्देश पर मणिकर्णिका घाट को कुछ ही घंटों में ध्वस्त कर दिया गया और यह कदम इस जगह के ऐतिहासिक महत्व की पूरी तरह अवहेलना करते हुए उठाया गया।
बयान में कहा गया,’देवी अहिल्याबाई होलकर की पवित्र और ऐतिहासिक प्रतिमाएं इस अव्यवस्थित विकास के मलबे में पड़ी हैं।’
बयान के मुताबिक, खासगी ट्रस्ट ने इन प्रतिमाओं को फिर से हासिल करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं और मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने वाली संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही शुरू की जा रही है।
बयान में कहा गया कि खासगी ट्रस्ट और इंदौर के पूर्व होलकर राजपरिवार के वंशज ‘इस शर्मनाक और अपमानजनक कृत्य’ की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
बयान में कहा गया,‘‘यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर के दृष्टिकोण और जीवन-कार्य के अनुरूप, खासगी ट्रस्ट और (पूर्व) होलकर राजपरिवार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित और संवेदनशील विकास का पूर्ण समर्थन करता है। हम इस प्रकार के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि की सराहना करते हैं।’’
खासगी ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि मणिकर्णिका घाट पर देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाओं को कथित तौर पर लापरवाही से क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले की विस्तृत जांच कराई जाए और संबंधित व्यक्तियों को उत्तरदायी ठहराया जाए।
ट्रस्ट ने यह गुजारिश भी की है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे खासगी ट्रस्ट के साथ तालमेल बैठाकर इन प्रतिमाओं को उचित स्थान पर पुनर्स्थापित करें।
मध्यप्रदेश सरकार के अधिकारियों के मुताबिक देश की आजादी के बाद रियासतकाल की समाप्ति पर इंदौर के पूर्व होलकर शासकों की परमार्थिक संपत्तियों के रख-रखाव के लिए खासगी ट्रस्ट का गठन किया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक इस ट्रस्ट की देश भर में फैली बेशकीमती संपत्तियों में मंदिर, धर्मशालाएं, घाट, छतरियां, बगीचे, कुंड आदि शामिल हैं।
भाषा हर्ष जितेंद्र
जितेंद्र

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