मप्र उच्च न्यायालय पहुंचा त्विषा शर्मा की मौत का मामला, दोनों परिवारों ने दायर की याचिका
मप्र उच्च न्यायालय पहुंचा त्विषा शर्मा की मौत का मामला, दोनों परिवारों ने दायर की याचिका
जबलपुर/भोपाल, 21 मई (भाषा) पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत के मामले में उनके और पति समर्थ सिंह के परिवारों के बीच कानूनी लड़ाई बृहस्पतिवार को और तेज हो गई। दोनों पक्षों ने इस मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का रुख किया है।
समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है, जबकि त्विषा के परिवार ने समर्थ की मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है। गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की अध्यक्ष हैं।
त्विषा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वे गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत का विरोध करेंगे। उनका कहना है कि अधीनस्थ अदालत ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए), 2023 की धारा 118 के तहत दहेज हत्या से जुड़े मामलों में लागू होने वाले प्रावधानों और साक्ष्यों की अनदेखी की है।
इस प्रावधान के अनुसार, यदि किसी महिला की शादी के सात वर्ष के भीतर अप्राकृतिक परिस्थितियों में मृत्यु होती है और यह साबित हो जाता है कि मृत्यु से ठीक पहले उसे दहेज को लेकर पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ित किया गया था, तो अदालत यह मान सकती है कि आरोपी उसकी दहेज हत्या का जिम्मेदार है।
समर्थ सिंह की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है, जबकि त्विषा के परिवार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।
इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी, जबकि समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
इस बीच, समर्थ सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उनका परिवार जांच एजेंसियों के साथ लगातार सहयोग कर रहा है, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
अपने भाई सिद्धार्थ सिंह के माध्यम से एकल पीठ के समक्ष दायर विविध आपराधिक याचिका (एमसीआरसी) में समर्थ ने दावा किया है कि अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी कल्पना और अनुमानों पर आधारित है तथा मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है।
त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। त्विषा (33) के परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि त्विषा नशीले पदार्थों की आदी थीं।
पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही, उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए अदालत का रुख भी किया गया है।
अपने आवेदन में समर्थ सिंह ने दावा किया है कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत व्हाट्सएप चैट संपादित और अधूरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चैट के साथ छेड़छाड़ की गई है और उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
समर्थ ने त्विषा को भेजी गई रकम से संबंधित कुछ स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं और दहेज प्रताड़ना के आरोपों को निराधार बताया है।
समर्थ के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में आरोप लगाया कि घटना के बाद ‘‘सहानुभूति हासिल करने’’ के लिए त्विषा के परिजनों की ओर से नयी कहानी गढ़ी जा रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि परिवार में त्विषा, उनके पति और सास साथ रहते थे तथा उनके संबंध अच्छे थे। उन्होंने कहा कि नयी शादी होने और अलग-अलग पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण सामान्य वैवाहिक नोकझोंक होती रहती थी।
मृगेंद्र सिंह ने आरोपी पक्ष के दावों का हवाला देते हुए कहा कि शादी के बाद त्विषा पांच बार मायके गई थीं और हर बार लौटने पर उनका व्यवहार बदल जाता था।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के लिए भी अदालत में आवेदन दिया गया है।
भाषा
ब्रजेन्द्र रवि कांत

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