98 वर्षीय पूर्व शिक्षिका ने डाला वोट, साबित किया लोकतंत्र में उम्र कोई बाधा नहीं

98 वर्षीय पूर्व शिक्षिका ने डाला वोट, साबित किया लोकतंत्र में उम्र कोई बाधा नहीं

98 वर्षीय पूर्व शिक्षिका ने डाला वोट, साबित किया लोकतंत्र में उम्र कोई बाधा नहीं
Modified Date: January 15, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: January 15, 2026 4:23 pm IST

ठाणे, 15 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे महानगर पालिका चुनाव में 98 वर्षीय एक पूर्व शिक्षिका ने बृहस्पतिवार को मतदान कर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र के प्रति कर्तव्य में उम्र कोई बाधा नहीं होती।

ठाणे शहर के तेम्भी नाका स्थित परमार हाउस की निवासी और फिल्म अभिनेता पुष्कर श्रोत्री की परदादी लीला श्रोत्री ने बीजे हाई स्कूल के मतदान केंद्र पर मतदान के लिए पहुंचते ही अपने उत्साह से सभी को अचंभित कर दिया।

मतदान केंद्र तक उनका पहुंचना शिव समर्थ विद्यालय की पूर्व शिक्षिका और उनके विद्यार्थियों के बीच के गहरे रिश्ते का भी प्रमाण था।

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लीला श्रोत्री ने स्कूल में दिलीप पाठक नाम के छात्र को पढ़ाया था और अब वही उन्हें अपने ऑटो में बैठाकर मतदान केंद्र तक छोड़ने पहुंचा ताकि पूर्व शिक्षिका मतदान कर सकें।

मतदान केंद्र पहुंचने पर लीला को एक चुनौती का सामना करना पड़ा क्योंकि मतदान केंद्र खड़े होकर मतदान करने वालों के लिए बनाए गए थे, जो उनकी उम्र की महिला के लिए एक मुश्किल काम था।

लीला के एक पूर्व छात्र ने बताया कि मतदान केंद्र के सहायक तुरंत आगे आए और सावधानीपूर्वक तीन कुर्सियों को एक के ऊपर एक रखकर बैठने के लिए उपयुक्त जगह बनाई, जिससे पूर्व शिक्षिका मतदान कर सकीं।

मतदान करने के बाद उन्होंने कहा, “राष्ट्र को मजबूत रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।”

पाठक ने बताया कि इतनी उम्र के बावजूद लीला बच्चों को पढ़ा रही हैं और अपने कई पूर्व छात्रों को उनके जन्मदिन पर फोन करती हैं।

उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी बात है, जिसे वह कभी नहीं भूलतीं।

शिक्षा और समुदाय के प्रति आजीवन समर्पण के मद्देनदर महानगर पालिका ने कुछ वर्ष पहले उन्हें ठाणे गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया था।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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