निकाय चुनाव: भाजपा ने मुंबई में ठाकरे भाइयों को हराया, पुणे में पवार परिवार को मिली शिकस्त

निकाय चुनाव: भाजपा ने मुंबई में ठाकरे भाइयों को हराया, पुणे में पवार परिवार को मिली शिकस्त

निकाय चुनाव: भाजपा ने मुंबई में ठाकरे भाइयों को हराया, पुणे में पवार परिवार को मिली शिकस्त
Modified Date: January 17, 2026 / 12:58 am IST
Published Date: January 17, 2026 12:58 am IST

मुंबई, 16 जनवरी (भाषा) अविभाजित शिवसेना के लगभग तीन दशक पुराने वर्चस्व को खत्म करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और पुणे में भी विजयी रही, जहां उसने शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गुटों के गठबंधन को करारी शिकस्त दी।

मुंबई के सभी 227 वार्डों के चुनाव परिणाम आधी रात के आसपास घोषित किए गए। भाजपा ने 89 सीट जीतीं और उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीट अपने नाम कीं, जबकि शिवसेना (उबाठा) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को छह सीटें मिलीं। वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को आठ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और राकांपा (शप) को सिर्फ एक सीट मिली।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने शाम को दक्षिण मुंबई में उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 नगर निगमों में से मुंबई सहित 25 में सत्ता में आने के लिए तैयार है। नगर निकाय चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान हुए थे।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई निकाय चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को ‘‘आर्शीवाद’’ देने के लिए मुंबई की जनता का शुक्रवार को आभार जताया।

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी–शिवसेना गठबंधन के बहुमत की ओर बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “राजग को आशीर्वाद देने के लिए मैं मुंबई के अपने भाई-बहनों का अत्यंत आभारी हूं।”

मोदी ने कहा, “मुंबई हमारे देश का गौरव है। यह सपनों का शहर है और ऐसा शहर है जो हमारे विकास को गति देता है। …हम शहर के लोगों को सुशासन और जीवन सुगमता प्रदान करेंगे।”

शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने हालांकि पार्टी की हार का ठीकरा पार्टी से अलग हुए एकनाथ शिंदे गुट पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी के साथ विश्वासघात न किया होता, तो मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं होता।

राउत ने कहा, ‘‘अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के लिए ‘जयचंद’ न होते, तो मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं होता। मराठी लोग शिंदे को हमेशा जयचंद के रूप में याद रखेंगे।’’

शिंदे ने 39 विधायकों के साथ मिलकर पार्टी नेता उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह किया और 2022 में उनकी सरकार को गिरा दिया। तब से शिवसेना (उबाठा) नेता लगातार शिंदे को ‘‘गद्दार’’ कहते रहे हैं।

मुंबई और 28 अन्य महानगर पालिकाओं में 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद मतगणना शुक्रवार सुबह शुरू हुई और देर रात तक जारी रही।

इन 29 नगर निकायों की 2868 सीट में से 2833 सीट के परिणाम शुक्रवार रात 11 बजे तक उपलब्ध हैं।

राज्य में भाजपा ने 1400 सीट जीतीं और उसकी सहयोगी शिवसेना ने 397 सीट हासिल कीं, जबकि शिवसेना (उबाठा) को 153 और मनसे को 13 सीट मिलीं। कांग्रेस ने 324 सीट जीती।

भाजपा नीत गठबंधन ने 227 सदस्यीय बीएमसी चुनाव में अब तक 114 सीट जीती हैं और उसने 114 सीट के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया। बीएमसी भारत का सबसे धनी नगर निकाय है, जिसका 2025-26 के लिए बजट 74,427 करोड़ रुपये का है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि 29 नगर निकायों में मतदान प्रतिशत 54.77 रहा।

नागपुर महानगर पालिका की सभी 151 सीट के परिणाम घोषित हो चुके हैं। भाजपा को 102 सीट मिलीं, जबकि कांग्रेस को 34 सीट प्राप्त हुईं।

वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने लातूर नगर निकाय के चुनाव में जीत हासिल की और 70 सदस्यीय निकाय में 43 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया, जबकि भाजपा 22 सीट के साथ काफी पीछे दूसरे स्थान पर रही।

चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चा उस समय और बढ़ गई जब पिछले महीने उद्धव और राज ठाकरे फिर से एक साथ आए और प्रतिद्वंद्वी राकांपा गुटों ने भी पुणे और पिंपरी-चिंचवड में गठबंधन किया।

पुणे में भाजपा ने 96 सीट जीतीं, जबकि राकांपा को 20 सीट और राकांपा (शप) को सिर्फ तीन सीट ही मिल सकीं।

पिंपरी चिंचवड में भाजपा ने 84 सीट जीतीं, जबकि राकांपा दूसरे स्थान पर रही और उसे 37 सीटें ही मिलीं। एनसीपी (शप) वहां एक भी सीट नहीं जीत सकी।

असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) निकाय चुनावों में अप्रत्याशित रूप से विजयी रही और राज्यभर के मुस्लिम बहुल वार्डों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की।

पार्टी के एक नेता ने बताया कि राज्य भर के नगर निकायों में कुल 114 सीटों पर उनके दल को जीत मिली है।

पार्टी के नेता शारिक नक्शबंदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने और पिछले चुनावों में बहुत कम मतों के अंतर से मिली हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटें, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट जीती।

इन 29 नगर निकायों से 19 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की।

मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी नगर निकायों में चुनाव हुए हैं।

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