अदालत ने आदेशों की अवहेलना पर नाखुशी जताई, एसएससी निदेशक को अवमानना नोटिस जारी किया

अदालत ने आदेशों की अवहेलना पर नाखुशी जताई, एसएससी निदेशक को अवमानना नोटिस जारी किया

अदालत ने आदेशों की अवहेलना पर नाखुशी जताई, एसएससी निदेशक को अवमानना नोटिस जारी किया
Modified Date: April 28, 2026 / 04:33 pm IST
Published Date: April 28, 2026 4:33 pm IST

मुंबई, 28 अप्रैल (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने सरकारी अधिकारियों द्वारा अदालती आदेशों की अवहेलना करने के ‘‘दुस्साहस’’ पर नाखुशी व्यक्त करते हुए जानबूझकर अवज्ञा करने के लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के निदेशक के खिलाफ अवमानना ​​नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति हितेन वेनगांवकर की पीठ ने 24 अप्रैल को कहा कि वे इस बात से बेहद चिंतित हैं कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवज्ञा इतनी व्यापक हो गई है कि हर साल सैकड़ों अवमानना ​​याचिकाएं दायर की जाती हैं, जिनमें से अधिकतर राज्य और केंद्र सरकारों या उनके अधिकारियों के खिलाफ होती हैं।

पीठ ने कर्मचारी चयन आयोग के निदेशक आर जी सिंह को अवमानना ​​नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई बुधवार के लिए तय की।

उच्च न्यायालय ने कहा कि सिंह अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने के लिए स्वतंत्र हैं।

पीठ ने पाया कि अदालत के आदेशों के बावजूद, पुणे के दो निवासी – सुशांत सरोडे और अनिकेत जाधव – जो सीआईएसएफ/बीएसएफ में शामिल होने के इच्छुक थे, उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया।

शारीरिक परीक्षण के बाद दोनों को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि उनकी लंबाई निर्धारित सीमा से मेल नहीं खाती थी।

अदालत ने याचिकाकर्ताओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल करने का आदेश देते हुए कहा था कि लंबाई का अंतर नगण्य है। हालांकि, उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया और याचिकाकर्ता अब भी उन्हें भर्ती किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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