फडणवीस ने एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया: बावनकुले

फडणवीस ने एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया: बावनकुले

फडणवीस ने एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया: बावनकुले
Modified Date: April 7, 2024 / 05:04 pm IST
Published Date: April 7, 2024 5:04 pm IST

पुणे, सात अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को कहा कि राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया।

खडसे ने करीब तीन साल पहले भाजपा की प्रदेश इकाई के नेतृत्व के साथ मतभेदों के बाद पार्टी के साथ 40 साल पुराना अपना रिश्ता खत्म कर दिया था और वह शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अविभाजित) में शामिल हो गए थे।

उन्होंने शनिवार को कहा कि वह अगले सप्ताह नयी दिल्ली में अपनी मूल पार्टी में शामिल होंगे।

पूर्ववर्ती देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रहे खडसे ने एक भूमि सौदे के मामले को लेकर 2016 में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। लंबे इंतजार के बाद वह शरद पवार की अगुवाई वाली अविभाजित राकांपा में शामिल हो गए थे।

खडसे ने फडणवीस और उनके विश्वासपात्र गिरीश महाजन को उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार बताया था।

भाजपा में उनकी वापसी से उत्तर महाराष्ट्र क्षेत्र में पार्टी की ताकत फिर से बढ़ने की संभावना है।

यह पूछे जाने पर कि क्या फडणवीस को खडसे की भाजपा में वापसी पर कोई आपत्ति है, बावनकुले ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया। बल्कि, जब वह भाजपा में थे, तब फडणवीस ने उनके साथ बहुत सम्मानपूर्वक व्यवहार किया और मैं इसका साक्षी हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी की एक केंद्रीय और एक प्रदेश समिति है जो पार्टी में शामिल होने वाले नए लोगों के मामलों को देखती है। दोनों समितियां एकनाथ खडसे के भाजपा में शामिल होने पर निर्णय लेंगी।’’

भाजपा नेता ने कहा कि जब खडसे, फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, तब उन्होंने (फडणवीस ने) हमेशा उन्हें (खडसे को) पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि जब खडसे ने पार्टी छोड़ दी थी तब भी उनके साथ व्यक्तिगत संबंध खराब नहीं हुए।

बावनकुले ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यहां भाजपा के ‘घर चलो’ अभियान में हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी किसी को पार्टी में शामिल होने से मना नहीं किया है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अशोक चव्हाण, अर्चना पाटिल सहित कई नेता हमारी पार्टी में शामिल हुए हैं। जो लोग हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, उनका स्वागत है।’’

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इस साल फरवरी में कांग्रेस छोड़ दी थी और वह भाजपा में शामिल हो गए थे।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल की पुत्रवधू अर्चना पाटिल भी हाल में भाजपा में शामिल हुईं।

एकनाथ खडसे की पुत्रवधू रक्षा खडसे रावेर से मौजूदा भाजपा सांसद हैं, जो आगामी चुनाव में लोकसभा के लिए तीसरी बार चुनाव लड़ेंगी। एकनाथ खडसे की बेटी रोहिणी खडसे राकांपा (शरदचंद्र पवार) में हैं।

राज्य में राकांपा (शरदचंद्र पवार) की महिला इकाई प्रमुख के रूप में शरद पवार की पार्टी के साथ बने रहने की रोहिणी खडसे की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर बावनकुले ने कहा, ‘‘एकनाथ खडसे को भाजपा में शामिल करने का निर्णय राज्य और राष्ट्रीय स्तर की समितियां करेंगी।’’

उन्होंने कहा कि यह ‘‘उचित और सोच-समझकर लिया गया निर्णय होना चाहिए।’’

भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी ने उन सभी लोगों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं जो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजपा में शामिल होने वाले लोगों और कांग्रेस जैसी अन्य राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के बीच भेदभाव नहीं करते।’’

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा, शिवसेना और राकांपा के बीच सीट बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दिए जाने के सवाल पर बावनकुले ने कहा, ‘‘ज्यादातर बातचीत निष्कर्ष के स्तर पर पहुंच गई है। जब हम मिलेंगे, तो सभी निर्णय केवल आधे घंटे में ले लिए जाएंगे। हम सर्वसम्मति से कुछ निर्णयों पर पहुंचे हैं।’’

महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरणों में मतदान होगा और मतगणना चार जून को होगी।

भाषा सिम्मी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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