फिल्मों का दुखद अंत ‘जानबूझकर नहीं करता’, बस हो जाता है : इम्तियाज अली

फिल्मों का दुखद अंत ‘जानबूझकर नहीं करता’, बस हो जाता है : इम्तियाज अली

फिल्मों का दुखद अंत ‘जानबूझकर नहीं करता’, बस हो जाता है : इम्तियाज अली
Modified Date: May 19, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: May 19, 2026 7:39 pm IST

मुंबई, 19 मई (भाषा) फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने मंगलवार को कहा कि उनकी फिल्मों में दुखद अंत जानबूझकर नहीं किया जाता बल्कि कहानी अपने आप उस दिशा में चली जाती है।

अली की कई फिल्मों के भावुक और दिल तोड़ने वाले अंत हुए हैं। ‘रॉकस्टार’ की अधूरी प्रेम कहानी से लेकर ‘अमर सिंह चमकीला’ तक का अंत इसी तरह हुआ है।

अली ने पत्रकरों से कहा, “मैं ऐसा जानबूझकर नहीं करता, बस हो जाता है। इस काम में बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं, जो अपने आप हो जाती हैं। मैं जो कुछ करता हूं, वह पूरी तरह दिमाग से नहीं करता। ऐसा लगता है जैसे अपने आप ऐसा हो जाता है।”

“जब वी मेट”, “लव आज कल”, “हाइवे” और “तमाशा” जैसी फिल्मों के लिए मशहूर अली ने अपनी नयी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के ट्रेलर लॉन्च पर ये बातें कहीं।

भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में वेदांग रैना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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