उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े प्रकरण में वकील के खिलाफ धनशोधन मामला रद्द किया

उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े प्रकरण में वकील के खिलाफ धनशोधन मामला रद्द किया

उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े प्रकरण में वकील के खिलाफ धनशोधन मामला रद्द किया
Modified Date: February 24, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: February 24, 2026 7:42 pm IST

मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े कथित रिश्वत के मामले में नागपुर के एक वकील के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धनशोधन मामले को रद्द कर दिया है।

न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की एकल पीठ ने सोमवार को सुनाए गए आदेश में कहा कि अधिवक्ता किशोर दीवानी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध कराई गई।

उच्च न्यायालय ने कहा कि कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवेदक (दीवानी) के खिलाफ दर्ज मामला रद्द किया जाना चाहिए।

अदालत ने टिप्पणी की कि ईडी दीवानी की संपत्ति खरीद फरोख्त और देशमुख तथा अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में कथित रूप से अर्जित अपराध की आय के बीच कोई संबंध साबित करने में विफल रही।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा देशमुख और अन्य के खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के बाद धनशोधन का मामला दर्ज किया गया था।

दीवानी ने ईडी के धनशोधन मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वह निर्दोष हैं और उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि विचाराधीन संपत्तियां 2005-2007 में खरीदी गई थीं, जबकि अभियोजन पक्ष के अनुसार कथित अपराध और अपराध से अर्जित आय दिसंबर 2020 और फरवरी 2021 के बीच की है।

देशमुख पर आरोप था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मुंबई में बार मालिकों से जबरन वसूली की थी।

भाषा शोभना दिलीप

दिलीप


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