Mandla Dirty Water viral video: मंडला: मध्यप्रदेश के मंडला जिले से पेयजल संकट की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के धनगांव (माणिकपुर) गांव के युवा शिवा परस्ते ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने गांव में मिल रहे गंदे पानी की हकीकत दिखाई। वीडियो में शिवा ने दावा किया कि यह किसी नाली का पानी नहीं, बल्कि वही पानी है जिसे ग्रामीण रोज पीने के लिए मजबूर हैं। वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों तक पहुंच गया।
Mandla News: वीडियो में क्या कहा ?
शिवा परस्ते ने वीडियो में कहा कि गांव के लोग लंबे समय से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार पंचायत में आवेदन दिए गए, जनसुनवाई में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। शिवा ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि क्या ग्रामीणों और बच्चों को जहर पिलाना ही विकास है? उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंडला कलेक्टर से अपील करते हुए कहा कि उन्हें कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि साफ पीने का पानी चाहिए।
वीडियो में शिवा एक पोखर से कटोरी में पानी भरते नजर आते हैं और उसे पीकर दिखाते हैं। उन्होंने कहा, “कलेक्टर साहब, हैरान मत होइए, यह नाली का कचरा नहीं, हमारे रोज के पीने का पानी है।” शिवा ने आगे कहा कि जल को जीवन कहा जाता है, लेकिन उनके गांव में यही पानी अब धीमा जहर बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
Mandla viral video: वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और 20 लाख से ज्यादा लोगों ने इसे देख लिया। इसके बाद शिवा ने एक और वीडियो जारी कर लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ 12 घंटे में देशभर के लोगों ने धनगांव की समस्या को हर कोने तक पहुंचा दिया। यह जीत उनकी नहीं, बल्कि उन हजारों ग्रामीणों की है, जो वर्षों से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
अब इस मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से आवेदन करते रहे, लेकिन उनकी आवाज फाइलों में दबती रही। डिजिटल इंडिया के दौर में एक ग्लास साफ पानी के लिए तरसते ग्रामीण अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वायरल वीडियो के बाद शायद उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा। दो मिलियन से ज्यादा लोग अब मंडला प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।