अरिजीत के साथ हूं, कुछ न कुछ तो हुआ होगा जिसकी वजह से उन्होंने पार्श्व गायकी छोड़ी:लकी अली
अरिजीत के साथ हूं, कुछ न कुछ तो हुआ होगा जिसकी वजह से उन्होंने पार्श्व गायकी छोड़ी:लकी अली
(कोमल पंचमटिया)
मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) संगीतकार लकी अली ने करियर के चरम पर पहुंचने के बाद पार्श्व गायकी से संन्यास लेने वाले गायक अरिजीत सिंह का समर्थन किया और कहा कि उनके साथ कुछ न कुछ ऐसा हुआ है, जिसकी वजह से उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।
खुद भी बॉलीवुड से अलग राह चुनने वाले अली ने कहा कि वह सिंह के इस फैसले का पूरी तरह से समर्थन करते हैं कि वह संगीत उद्योग की पाबंदियों से बाहर जाकर कुछ करें।
अली (67) ने ‘पीटीआई-भाषा’ को डिजिटल माध्यम से दिए साक्षात्कार में कहा, “आपको संगीतकार की जगह खुद को रखकर यह समझना होगा कि वह सच में क्या महसूस कर रहा है। अगर उसने इस दिशा में कदम उठाया है, तो जरूर उसके अंदर कुछ टूट गया होगा। मैं पूरी तरह से अरिजीत के फैसले से सहमत हूं।”
उन्होंने कहा, “वह निश्चित रूप से गाएंगे और खुद को व्यक्त करेंगे, लेकिन वह पहले जैसी परिस्थितियों में ऐसा नहीं करेंगे। आपको अपनी खुद की राह तय करनी होगी, जैसे हमने की; हमने अपनी खुद की राह बनाई।”
सिंह (38) ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिये संन्यास लेने की घोषणा करके अपने प्रशंसकों को हैरान कर दिया।
उन्होंने 27 जनवरी को एक पोस्ट में लिखा,“नमस्ते, आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं। इतने वर्षों तक श्रोताओं के रूप में मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं अब पार्श्व गायकी से विदा ले रहा हूं। मैं इसे अलविदा कह रहा हूं। यह सफर शानदार रहा।”
“ओ सनम”, “एक पल का जीना” और “ना तुम जानो ना हम” जैसे हिट गानों के लिए मशहूर अली की रोमांस पर आधारित खुद की नयी एल्बम “तू जाने है कहां” रिलीज हुई है। इस गीत को कौसर मुनीर ने लिखा है और इसे टिप्स म्यूजिक बैनर के तहत रिलीज किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘अब हम किसी भी फिल्म या म्यूजिक कंपनी या किसी और पर निर्भर नहीं हैं, हम खुद ही कंपनी हैं। इसलिए, मूल रूप से यह खुद को अभिव्यक्त करने और समान सोच वाले लोगों के साथ काम करने की बहुत बड़ी आज़ादी है।”
सिंह के संन्यास के बाद काफी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आखिर उन्हें यह फैसला लेने के लिए किस बात ने मजबूर किया।
अपनी खुद की यात्रा के बारे में बताते हुए अली ने कहा कि हर नए कलाकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “आपको कुछ भी प्लेट में रखकर नहीं परोसा जाता; आपको अपनी बात को सबसे अच्छे तरीके से पेश करना होता है और अपने किए हुए काम के प्रति खुद पर विश्वास करना होता है। एक बार जब आप ऐसा कर लेते हैं और उस बाधा को पार कर लेते हैं, तो चीजें थोड़ी आसान हो जाती हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रास्ता आसान है। बस आगे बढ़ना और फिर उस संदर्भ में और मेहनत करना आसान हो जाता है।”
उन्होंने कहा, “जिंदगी का मतलब यह नहीं है कि यह आसान हो। आसान जिंदगी हमेशा अच्छी नहीं होती। इसमें ड्रामा होना चाहिए, संघर्ष होना चाहिए, बहुत सारी चीजें होनी चाहिए और ये सब आपके काम में भी झलकते हैं। मेरे मामले में, शायद यही वजह है कि मेरे किए हुए कई कामों में यह दिखाई दिया है।”
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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