टीसीएस मामले में आरोपी ने अपनी शादी की बात छिपायी, धर्मांतरण का दबाव डाला: शिकायतकर्ता

टीसीएस मामले में आरोपी ने अपनी शादी की बात छिपायी, धर्मांतरण का दबाव डाला: शिकायतकर्ता

टीसीएस मामले में आरोपी ने अपनी शादी की बात छिपायी, धर्मांतरण का दबाव डाला: शिकायतकर्ता
Modified Date: April 18, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: April 18, 2026 6:51 pm IST

(अविनाश चतुर्वेदी)

नासिक, 18 अप्रैल (भाषा) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की स्थानीय इकाई में कथित यौन उत्पीड़न मामले की पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों में से एक ने चार साल पहले उसका यौन उत्पीड़न किया, अपनी शादी की बात छुपाई और कार्यस्थल पर उसके धर्म का अपमान किया, साथ ही उसपर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला।

टीसीएस की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और नौ प्राथमिकी दर्ज करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सॉफ्टवेयर क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी ने आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। इसने शुक्रवार को कहा कि उसे अपने आंतरिक तंत्र के माध्यम से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

एक महिला पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपियों में से एक से चार साल पहले हुई थी, जिसने उसी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी और दोनों दोस्त बन गए थे।

उसने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे टीसीएस में नौकरी दिलाने में मदद करने का वादा किया था।

इसी बीच महिला ने टीसीएस में नौकरी शुरू कर दी, जहां आरोपी भी काम करता था। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2026 में, जब आरोपी की पत्नी ने उससे संपर्क किया, तब उसे पता चला कि आरोपी शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।

जब शिकायतकर्ता ने उससे इस बारे में पूछा, तो आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका उससे शादी करने का कोई इरादा नहीं था।

शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी, अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ अक्सर कंपनी की कैंटीन में उससे मिलता था, और तीनों अक्सर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। दोनों सहयोगियों को प्राथमिकी में सह-आरोपी के रूप में नामित किया गया है।

उन्होंने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से कहा कि ‘शिवलिंग’ की पूजा करना “अश्लील” है और महाभारत के पात्र द्रौपदी के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने यह दावा करते हुए उसपर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव भी डाला कि यह (इस्लाम) एक श्रेष्ठ धर्म है।

पुलिस ने इस प्राथमिकी में बलात्कार, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं को शामिल किया है।

इस मामले के अलावा, टीसीएस इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित आठ अन्य प्राथमिकी दर्ज हैं।

टीसीएस ने शुक्रवार को कहा कि रिकॉर्ड की प्रारंभिक समीक्षा से पता चला है कि उसे “हमारे नैतिक मूल्यों या यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पॉश) तंत्र पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुरूप कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है”।

देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने अपनी आंतरिक जांच में एक निगरानी पैनल और बाहरी संस्थाओं की भागीदारी की भी घोषणा की।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश


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