आंध्र प्रदेश में कृष्णा-पेन्ना नदियां उफान पर, बाढ़ का नया खतरा

आंध्र प्रदेश में कृष्णा-पेन्ना नदियां उफान पर, बाढ़ का नया खतरा

आंध्र प्रदेश में कृष्णा-पेन्ना नदियां उफान पर, बाढ़ का नया खतरा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: September 8, 2022 5:48 pm IST

अमरावती, आठ सितंबर (भाषा) कर्नाटक के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के कारण आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे कृष्णा और पेन्ना नदी की घाटियों में बाढ़ का नया खतरा उत्पन्न हो गया है।

दो प्रमुख जलाशयों -श्रीशैलम और नागार्जुन सागर से कृष्णा नदी में 3.67 लाख क्यूसेक (प्रति सेकंड घन फुट जल प्रवाह) पानी छोड़ा जा रहा है।

डॉ. के एल राव सागर पुलीचिंतला परियोजना से नीचे की ओर 3.74 लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा था जबकि प्रकाशम बैराज से वर्तमान जल निकासी 1.93 लाख क्यूसेक थी। नदी संरक्षक ने कहा कि अतिरिक्त पानी के कारण डॉ. के एल राव सागर से जल निकासी चार लाख क्यूसेक तक बढ़ सकती है।

एनटीआर, कृष्णा और गुंटूर जिलों के अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने के लिए चौकस रहने को कहा गया है, विशेष रूप से बैराज के नीचे की तरफ के इलाकों को लेकर। चेतावनी का पहला संकेत शुक्रवार तक मिलने के आसार हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक बी आर आंबेडकर ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी स्थान पर नदियों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

दूसरी ओर, राज्य की पेन्ना नदी उफान पर है, जिसके परिणामस्वरूप अनंतपुरमू, श्री सत्य साईं और वाईएसआर कडप्पा जिलों में भारी जल निकासी हो रही है।

आंबेडकर ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की दो टीम को आवश्यकता के अनुरूप बचाव और राहत कार्यों के लिए अनंतपुरमू जिले में भेजा गया है।

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अनंतपुरमू जिले के चागल्लु जलाशय और वाईएसआर कडप्पा के मायलावरम जलाशय से 25,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

आंबेडकर ने खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने के लिए कहा है।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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