मुंबई, सात फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुंबई में ऐप आधारित टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों ने शनिवार को एक दिवसीय हड़ताल की।
यह हड़ताल एक यूनियन द्वारा अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई और पैनिक बटन लगाने से संबंधित शिकायतों के निवारण सहित विभिन्न मांगों को लेकर की गई थी।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने ‘राइड एग्रीगेटर्स’ (टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी) को चेतावनी दी कि अगर वे चालकों के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं और उनके साथ अन्याय करते हैं, तो सरकार कंपनियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चालकों की सभी जायज समस्याओं में उनके साथ खड़ी है।
महाराष्ट्र कामगार सभा के प्रमुख डॉ. केशव क्षीरसागर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में हड़ताल आज (शनिवार) सुबह से शुरू हुई।
उन्होंने कहा कि अधिकांश ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों ने हड़ताल का समर्थन किया है।
यूनियन ने हालांकि दावा किया कि चालकों ने अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे लेकिन उबर, ओला और रैपिडो जैसी प्रमुख कंपनियों के ऐप पर सुबह से ही टैक्सियों व ऑटो रिक्शा की बुकिंग उपलब्ध है।
महाराष्ट्र कामगार सभा ने पहले कहा था कि हड़ताल का उद्देश्य कंपनियों की मनमानी किराया नीतियों का विरोध करना और अवैध बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना है, जिससे लाइसेंस प्राप्त कैब और ऑटो रिक्शा चालकों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
‘गिग वर्कर्स’ का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि पैनिक बटन को अनिवार्य किया जाना ऑपरेटरों के लिए वित्तीय बोझ बन गई है।
मंत्री सरनाइक ने ठाणे में पत्रकारों से कहा कि इस आंदोलन से आम नागरिकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चालक संघों के साथ लगातार संपर्क में है।
मंत्री ने कहा, “अगर ओला, उबर या रैपिडो के मालिक गलत व्यवहार कर रहे हैं और चालकों के साथ अन्याय कर रहे हैं, तो राज्य सरकार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।”
भाषा जितेंद्र दिलीप
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