महाराष्ट्र विधानसभा ने महिला किसानों को मान्यता देने वाला विधेयक पारित किया

महाराष्ट्र विधानसभा ने महिला किसानों को मान्यता देने वाला विधेयक पारित किया

महाराष्ट्र विधानसभा ने महिला किसानों को मान्यता देने वाला विधेयक पारित किया
Modified Date: July 2, 2026 / 09:37 pm IST
Published Date: July 2, 2026 9:37 pm IST

मुंबई, दो जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया, जिसका उद्देश्य महिला किसानों को मान्यता प्रदान करना और उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, संस्थागत ऋण, कृषि सेवाओं तथा महिला किसान पहचान पत्र तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करना है।

देश में अपनी तरह का पहला प्रस्तावित कानून माने जा रहे महिला किसान सशक्तीकरण विधेयक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को औपचारिक मान्यता देना है। इसके तहत कृषि कार्यों से जुड़ी महिलाओं की सहायता के लिए एक विशेष कोष बनाया जाएगा तथा अकेली महिला कृषकों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी।

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि विधेयक में उल्लेख किया गया है कि बुवाई से लेकर कटाई तक खेती के हर चरण में पुरुषों के साथ काम करने और डेरी एवं पशुपालन जैसी सहायक कृषि गतिविधियों में भागीदारी के बावजूद, महिलाएं संस्थागत लाभों से काफी हद तक वंचित रही हैं, क्योंकि कृषि भूमि का पंजीकरण आमतौर पर परिवार के पुरुष सदस्यों के नाम पर होता है।

भरणे ने एम एस स्वामीनाथन के योगदान को याद करते हुए कहा कि प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक ने हमेशा इस बात की वकालत की थी कि कृषि विकास के केंद्र में किसानों का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मान्यता देने के महत्व पर भी जोर दिया था।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में ‘‘महिला किसान’’ की व्यापक परिभाषा अपनाई गई है, जिसमें केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि पशुपालन जैसी कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।

भरणे ने कहा, ‘‘यह परिभाषा ग्रामीण वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करती है और कृषि क्षेत्र में महिलाओं के वास्तविक योगदान के साथ न्याय करती है।’’

उन्होंने कहा कि विधेयक में महिला किसान पहचान पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से लाभार्थी कृषि संबंधी वित्तीय सहायता, बीज, उर्वरक, ई-किसान सेवाएं, कृषि ऋण तथा बाजारों से प्रत्यक्ष जुड़ाव जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगी।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक में कृषि क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए एक विशेष कोष बनाने तथा अकेली महिला किसानों को विशेष सहायता प्रदान करने का भी प्रस्ताव है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह केवल एक कानूनी पहल नहीं है, बल्कि उन असंख्य महिलाओं का सम्मान है, जिन्होंने अपना जीवन कृषि को समर्पित किया और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।

इस विधेयक को अब विधान परिषद में पेश किया जाएगा।

विधेयक के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए शिवसेना (उबाठा) सदस्य आदित्य ठाकरे ने कहा कि केवल मान्यता देना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण महिलाओं से जुड़े मुद्दों—जैसे कुपोषण, आयरन, कैल्शियम और विटामिन बी12 की कमी तथा बच्चों में अवरुद्ध शारीरिक विकास का समाधान करना भी आवश्यक है।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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