महाराष्ट्र: कांग्रेस विधानसभा चुनावों में ‘अनियमितताओं’ को लेकर 25 जनवरी को राज्य में प्रदर्शन करेगी

महाराष्ट्र: कांग्रेस विधानसभा चुनावों में ‘अनियमितताओं’ को लेकर 25 जनवरी को राज्य में प्रदर्शन करेगी

महाराष्ट्र: कांग्रेस विधानसभा चुनावों में ‘अनियमितताओं’ को लेकर 25 जनवरी को राज्य में प्रदर्शन करेगी
Modified Date: January 21, 2025 / 07:54 pm IST
Published Date: January 21, 2025 7:54 pm IST

मुंबई, 21 जनवरी (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने पिछले वर्ष हुए राज्य विधानसभा चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 25 जनवरी को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की मंगलवार को घोषणा की।

हर वर्ष 25 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी) मनाया जाता है।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष नाना पटोले ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “पार्टी 25 जनवरी को पूरे महाराष्ट्र में जिला और तालुका स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी के प्रमुख नेता विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे।”

उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर नवंबर 2024 में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान वोटों में हेराफेरी कर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।

पटोले ने निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “हाल के चुनावों में आयोग के आचरण ने संस्थान की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा किया है। भाजपा और उसके सहयोगियों ने (महाराष्ट्र विधानसभा) चुनाव ईमानदारी से नहीं, बल्कि छल-कपट और धोखे से जीता है। इसलिए, हमारी पार्टी ने पूरे राज्य में दिन भर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।”

पटोले ने कहा कि दिल्ली से कांग्रेस के कुछ नेता राज्य का दौरा करेंगे और इस मुद्दे को उजागर करने के लिए मीडिया से बातचीत करेंगे।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने सत्ता बरकरार रखी और राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में 230 सीट पर कब्जा किया।

महायुति में शामिल भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 41 सीट पर जीत हासिल की थी।

विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) में शिवसेना (उबाठा) ने 20, कांग्रेस ने 16 और राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने 10 सीट पर जीत दर्ज की थी।

पटोले ने कहा, “लोकसभा चुनाव के छह महीने के भीतर मतदाताओं की संख्या 50 लाख कैसे बढ़ गई और मतदान के दिन शाम पांच बजे के बाद 76 लाख वोट कैसे जुड़ गए? पारदर्शिता की मांग के बावजूद, आयोग ने कोई डेटा उपलब्ध नहीं कराया। अब, आम आदमी के साथ मतदान के विवरण को साझा करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोकसभा में एक विधेयक पारित किया गया है।”

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


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