महाराष्ट्र सरकार ने नैदानिक प्रतिष्ठानों को विनियमित करने के लिए विधेयक पेश किया

महाराष्ट्र सरकार ने नैदानिक प्रतिष्ठानों को विनियमित करने के लिए विधेयक पेश किया

महाराष्ट्र सरकार ने नैदानिक प्रतिष्ठानों को विनियमित करने के लिए विधेयक पेश किया
Modified Date: July 3, 2026 / 03:46 pm IST
Published Date: July 3, 2026 3:46 pm IST

मुंबई, तीन जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को ‘नैदानिक प्रतिष्ठान विधेयक’ पेश किया, जिसका उद्देश्य सभी स्वास्थ्य केंद्रों को एक ही नियामक ढांचे के तहत लाकर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर द्वारा विधानसभा में पेश ‘महाराष्ट्र नैदानिक प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं नियमन) विधेयक’ 1949 के पुराने ‘नर्सिंग होम्स पंजीकरण अधिनियम’ की जगह लेगा। इस विधेयक के तहत सभी अस्पतालों, क्लिनिक, जांच केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

विधेयक के ‘उद्देश्यों और कारणों’ में कहा गया है कि मौजूदा कानून केवल नर्सिंग होम तथा प्रसूति गृहों को ही विनियमित करता है, और पिछले कुछ वर्षों में सामने आए स्वास्थ्य संस्थान इसके दायरे में नहीं आते।

सरकार ने कहा है कि नए कानून का मकसद चिकित्सा की सभी मान्यता प्राप्त प्रणालियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्यूनतम मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

प्रस्तावित कानून के तहत, नैदानिक प्रतिष्ठानों के लिए एक राज्य परिषद का गठन किया जाएगा। यह परिषद न्यूनतम मानक तय करेगी और विभिन्न श्रेणियों के चिकित्सा संस्थानों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को निर्धारित करेगी।

इसमें राज्य के अलग-अलग इलाकों के लिए ऐसे पंजीकरण अधिकारियों को नियुक्त करने का प्रस्ताव भी है, जो लाइसेंस के अनंतिम और स्थायी पंजीकरण, लाइसेंस को बहाल करने और रद्द करने जैसे मामलों को देखेंगे।

विधेयक में प्रावधान किया गया है कि सभी पंजीकृत नैदानिक प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य होगा कि वे अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ-साथ सेवाओं के दाम और शुल्क भी प्रमुखता से प्रदर्शित करें।

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल


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