महाराष्ट्र सरकार कॉलेज के दाखिला फॉर्म में ‘एकल अभिभावक संतान’ की अलग श्रेणी पर विचार कर रही:मंत्री

महाराष्ट्र सरकार कॉलेज के दाखिला फॉर्म में ‘एकल अभिभावक संतान’ की अलग श्रेणी पर विचार कर रही:मंत्री

महाराष्ट्र सरकार कॉलेज के दाखिला फॉर्म में ‘एकल अभिभावक संतान’ की अलग श्रेणी पर विचार कर रही:मंत्री
Modified Date: June 13, 2026 / 03:29 pm IST
Published Date: June 13, 2026 3:29 pm IST

मुंबई, 13 जून (भाषा) महाराष्ट्र सरकार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे उन बच्चों को सहायता प्रदान करने तथा उनके लिए उपयुक्त योजनाएं बनाने की व्यापक पहल के तहत कॉलेज दाखिला फॉर्म में ‘‘एकल अभिभावक संतान’’ की श्रेणी शामिल करने पर विचार कर रही है, जिनकी परवरिश अकेले उनकी मां कर रही हैं।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को कहा कि इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा एकल माताओं के बच्चों को रियायतें, प्राथमिकता और शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस कदम से उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे उन बच्चों की वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सकेगा और सरकार उनके लिए उपयुक्त सहायता योजनाएं तैयार कर सकेगी, जिनकी परवरिश अकेले उनकी मां कर रही हैं।

पाटिल ने बताया कि 17 जून को महाराष्ट्र के लगभग 1,500 कॉलेजों के प्राचार्यों की एक विशेष ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जमीनी स्थिति का आकलन किया जाएगा और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ऐसे विद्यार्थियों का सही पंजीकरण सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी।

उच्च शिक्षा में एकल माताओं के बच्चों का अलग से रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था न होने का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि कॉलेज स्तर पर एक उचित और सटीक प्रणाली विकसित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मंत्री के अनुसार, सरकार और उच्च शिक्षा निदेशालय की यह संयुक्त पहल एकल माताओं के बच्चों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगी।

आगे की कार्ययोजना तय करने के लिए साऊ एकल महिला समिति के राज्य संयोजक हेरंब कुलकर्णी ने पुणे स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय के कार्यालय का दौरा किया और विस्तृत चर्चा की।

बजट सत्र के दौरान एकल माताओं के लिए अलग नीति की घोषणा के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त की अध्यक्षता में पहले ही एक समिति गठित की जा चुकी है। इस समिति में उच्च शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवलंकर और हेरंब कुलकर्णी सदस्य हैं।

अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक अलग उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। पाटिल ने बताया कि यह समिति कॉलेज के प्रवेश फॉर्म में अलग कॉलम शामिल करने, छात्रावास उपलब्ध कराने में प्राथमिकता, परामर्श सहायता तथा ऐसे विद्यार्थियों के लिए अन्य आवश्यक रियायतों से जुड़े विषयों का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

भाषा गोला संतोष

संतोष


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