महाराष्ट्र: फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में महिला गिरफ्तार
महाराष्ट्र: फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में महिला गिरफ्तार
पालघर, 17 मई (भाषा) पालघर जिले में एक महिला को फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके जिला परिषद की नौकरी हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुणे के दौंड निवासी रूपाली तेंगले ने अगस्त 2023 के सीधी भर्ती विज्ञापन के तहत ‘ग्रुप सी’ के प्रयोगशाला तकनीशियन पद के लिए आवेदन किया था और धुले स्थित एक सरकारी चिकित्सा संस्थान द्वारा कथित तौर पर जारी किया गया विकलांगता प्रमाण पत्र जमा किया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘उसने (आरोपी ने) ‘दिव्यांग’ (कम सुनने वाले) श्रेणी में योग्यता सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। धुले स्थित श्री भाऊसाहेब हीरे सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं जनरल अस्पताल के डीन के प्रारंभिक सत्यापन पत्र के आधार पर तेंगले को अक्टूबर 2024 में नियुक्ति पत्र जारी किया गया और उन्हें चिंचानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात किया गया।’’
उन्होंने कहा, हालांकि दिसंबर 2024 में अस्पताल ने एक पत्र जारी कर कहा कि प्रमाण पत्र आधिकारिक मेडिकल बोर्ड से पारित नहीं हुआ था, जिसके बाद पालघर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने पिछले साल 10 जून को तेंगले की सेवाएं समाप्त कर दीं थी।
अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य सहायक प्रशासनिक अधिकारी मोनिका द्वारकानाथ राउत की शिकायत पर पुलिस में मामला दर्ज किया गया और 12 मई को तेंगले को गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
भाषा यासिर नरेश
नरेश

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