मुंबई पुलिसकर्मी के कथित धमकी वाले वीडियो की जांच की मांग

मुंबई पुलिसकर्मी के कथित धमकी वाले वीडियो की जांच की मांग

मुंबई पुलिसकर्मी के कथित धमकी वाले वीडियो की जांच की मांग
Modified Date: July 23, 2026 / 05:15 pm IST
Published Date: July 23, 2026 5:15 pm IST

मुंबई, 23 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की जांच की मांग की, जिसमें कथित तौर पर मुंबई का एक पुलिसकर्मी छात्र प्रदर्शनकारियों को मादक पदार्थ के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। पार्टी ने इस घटना को ‘खाकी में गुंडागर्दी’ करार दिया।

व्यापक स्तर पर साझा किए गए इस वीडियो में कथित तौर पर एक पुलिस वाहन चालक विद्यार्थियों को यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि यदि उन्होंने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया तो उन्हें मादक पदार्थ के झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा और उन्हें पूरी जिंदगी जेल में बितानी पड़ेगी।

मुंबई कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यदि यह सच है तो यह केवल छात्रों को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। अपनी आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए, धमकियों के साथ नहीं।”

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा, “ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुलिस यह धमकी दे रही है कि ‘अगर आंदोलन में हिस्सा लिया तो तुम्हारी जेब में 50 ग्राम मादक पदार्थ डालकर तुम्हें जेल भेज देंगे।’ विद्यार्थियों की आवाज दबाने के लिए इस स्तर तक गिरकर किया जा रहा दमन लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है।”

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पुलिस छात्र प्रदर्शनकारियों को मादक पदार्थ के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रही है और कह रही है कि उनके पास मादक पदार्थ रखकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उन्होंने इसे ‘खाकी में गुंडागर्दी’ बताते हुए दावा किया कि ऐसा आचरण ब्रिटिश शासन के दौरान देखी गई घटनाओं से भी बदतर है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि ऐसी धमकियां वास्तव में दी जा रही हैं तो इस बात की जांच कराई जाए कि पुलिस मादक पदार्थ कहां से लाएगी।

पूर्व मंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत सरकार पर छात्र प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस का आदर्श वाक्य ‘सज्जनों की रक्षा, दुष्टों का दमन’ ऐसे आचरण से कमजोर पड़ गया है।

मुंबई पुलिस ने बृहस्पतिवार को इस वीडियो की जांच के आदेश दिए।

नयी दिल्ली में कॉजपा के नेतृत्व में जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में महानगर के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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