मुंबई युवा कांग्रेस का केंद्र पर गलवान संघर्ष से जुड़े तथ्यों को ‘छिपाने’ का आरोप, प्रदर्शन किया

मुंबई युवा कांग्रेस का केंद्र पर गलवान संघर्ष से जुड़े तथ्यों को ‘छिपाने’ का आरोप, प्रदर्शन किया

मुंबई युवा कांग्रेस का केंद्र पर गलवान संघर्ष से जुड़े तथ्यों को ‘छिपाने’ का आरोप, प्रदर्शन किया
Modified Date: February 4, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: February 4, 2026 7:51 pm IST

मुंबई, चार फरवरी (भाषा) मुंबई युवा कांग्रेस के सदस्यों ने गलवान घाटी में 2020 में हुए भारत-चीन संघर्ष पर स्पष्टता और पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे द्वारा लिखित पुस्तक के तत्काल प्रकाशन की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत शबरीन के नेतृत्व में दक्षिण मुंबई के राजीव गांधी भवन स्थित मुंबई कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने में केंद्र सरकार की विफलता को उजागर करते हुए अपना गुस्सा व्यक्त किया और मोदी सरकार की आलोचना करते हुए नारेबाजी की।

युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है और उसने पूर्वी लद्दाख में जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प से संबंधित तथ्यों को ‘छिपाया’ है।

गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। शबरीन ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस घटना के बारे में क्या ‘छिपा रहे हैं’ और मांग की कि सरकार चीन मुद्दे पर देश को स्पष्ट जवाब दे।

उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में बोलने की अनुमति न देने और उन्हें भारत-चीन गतिरोध पर नरवणे के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ से उद्धरण देने से रोकने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की।

मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्ष ने मांग की कि सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

भाषा यासिर संतोष

संतोष


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