नारायण राणे ने संन्यास की खबरों को नकारा, कहा- मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया
नारायण राणे ने संन्यास की खबरों को नकारा, कहा- मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया
मुंबई, छह जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने राजनीति से संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि हाल ही में एक सार्वजनिक रैली में दिए गए उनके बयानों का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने सक्रिय राजनीति में बने रहने की बात दोहराई है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से साफ तौर पर कहा कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि अगर वे जनता के लिए काम नहीं कर पाए, तो वे अपने भविष्य के बारे में सोचेंगे।
शनिवार को सिंधुदुर्ग में एक रैली के दौरान राणे ने कहा था कि ‘एक न एक दिन तो रुकना ही पड़ता है।’ उन्होंने अपने बेटों नीलेश और नीतेश राणे का जिक्र करते हुए कहा था कि अब वे राजनीति में सक्रिय हैं, इसलिए वह खुद अपने कारोबार पर ध्यान देना चाहते हैं।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि राणे अब राजनीति छोड़ रहे हैं।
सोमवार को इन चर्चाओं को खारिज करते हुए राणे ने कहा, ‘किसने कहा कि मैंने राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दिया? मैंने ऐसा कभी नहीं कहा। मेरे बयान को ध्यान से सुनें।’
लोकसभा सांसद ने सफाई देते हुए कहा, ‘अगर मेरे पद जनता के काम नहीं आते, या मुझे जनता के लिए काम नहीं करने दिया जाता, तो मैं खुद ही रुकने के बारे में सोचूंगा। मैंने यह कभी नहीं कहा कि मैं राजनीति से संन्यास ले रहा हूं।’
राणे ने कहा कि जब वह भाजपा में शामिल हुए थे, तभी उन्होंने साफ कर दिया था कि यह उनकी आखिरी पार्टी होगी।
उन्होंने कहा, ‘पार्टी बदलने का तो सवाल ही नहीं उठता। मैं आत्म-सम्मान के साथ जीता हूं और मुझे पदों का कोई लालच नहीं है।’
राणे इससे पहले शिवसेना और कांग्रेस में रह चुके हैं।
भाषा सुमित मनीषा
मनीषा

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