राकांपा ने विधायक सना मलिक के बहुविवाह संबंधी बयान से बनाई दूरी
राकांपा ने विधायक सना मलिक के बहुविवाह संबंधी बयान से बनाई दूरी
मुंबई, 27 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने महाराष्ट्र विधानसभा में पार्टी विधायक सना मलिक द्वारा तलाक और बहुविवाह पर दिए गए बयान से शनिवार को दूरी बनाते हुए कहा कि ये उनके निजी विचार हैं और यह राकांपा का आधिकारिक रुख नहीं है।
राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में स्पष्ट किया कि पार्टी मलिक के 23 जून के बयान से सहमत नहीं है और वह धर्म, जाति या आस्था से परे महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के पक्ष में है।
मलिक को इस सप्ताह उस समय आलोचना का सामना करना पड़ा जब उन्होंने विधानसभा में तीन तलाक़ की प्रथा के कारण मुस्लिम महिलाओं को होने वाली ज़्यादतियों पर चर्चा के दौरान कहा था कि बहुविवाह की समस्या केवल मुस्लिम पुरुषों तक सीमित नहीं है।
इस पर भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने चर्चा के दौरान कहा था कि पाकिस्तान में केवल एक प्रतिशत पुरुष ही बहुविवाह करते हैं और दूसरी शादी के लिए किसी प्राधिकरण से अनुमति लेनी पड़ती है।
इसके जवाब में राकांपा विधायक ने कहा, ‘‘यदि कुरान में कुछ लिखा है और उसे पाकिस्तान में माना जा रहा है, तो हम मांग करते हैं कि इसे यहां भी लागू किया जाए।’’
बाद में उन्होंने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि वह बहुविवाह का समर्थन नहीं करतीं, बल्कि सदन को इस प्रथा के तरीकों के बारे में जानकारी दे रही थीं।
उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और कई नेताओं ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और महिलाओं के अधिकारों पर उनके रुख का विरोध किया।
तटकरे ने कहा, ‘तलाक के मुद्दे पर विधायक सना मलिक का बयान उनका व्यक्तिगत मत है। राकांपा इन विचारों का समर्थन नहीं करती।’
उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा सभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है, चाहे उनका धर्म, जाति या आस्था कुछ भी हो।
तटकरे ने यह भी कहा कि पार्टी डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के प्रति निष्ठावान है और ‘शिव-शाहू-फुले-आंबेडकर’ की विचारधारा का पालन करती है।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय का तीन तलाक पर फैसला और संसद द्वारा इस विषय पर बनाया गया कानून सर्वोपरि हैं और सभी को उनका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक मलिक को अपने विचार व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन सदन में दिए गए उनके बयान उनके निजी विचार थे।
भाषा शोभना रंजन
रंजन

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