जाति के आधार पर टिकट पाने वालों के समुदाय के लिए काम करने का कोई प्रमाण नहीं: गडकरी

जाति के आधार पर टिकट पाने वालों के समुदाय के लिए काम करने का कोई प्रमाण नहीं: गडकरी

जाति के आधार पर टिकट पाने वालों के समुदाय के लिए काम करने का कोई प्रमाण नहीं: गडकरी
Modified Date: September 28, 2026 / 01:09 am IST
Published Date: September 28, 2026 1:09 am IST

नागपुर, 27 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने समुदाय के सामाजिक विकास के लिए जातिगत पहचान के बजाय शिक्षा और कौशल को ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए रविवार को कहा कि जाति के आधार पर टिकट पाने वाले लोगों ने अपने समुदायों के कल्याण के लिए कोई काम किया हो, इसका कोई प्रमाण नहीं है।

नागपुर में चर्मकार सेवा संघ की ओर से आयोजित एक छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद गडकरी ने कौशल हासिल करने पर जोर दिया।

गडकरी ने कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी शिक्षा से रोजगार की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है और सामाजिक प्रगति हासिल की जा सकती है। लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में सम्मान मिलता है और समुदाय मुख्यधारा का हिस्सा बनता है। इसलिए चर्मकार समुदाय को भी विकास के लिए शिक्षा और कौशल पर ध्यान देना चाहिए।’’

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई लोग जाति के आधार पर पार्टी टिकट मांगते हैं, लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं करते।

उन्होंने कहा, ‘‘कई लोग मुझसे अपने समुदाय के लोगों को टिकट देने के लिए कहते हैं। वे कहते हैं कि हमें पार्षद, विधायक बना दीजिए। हालांकि, हमने जाति के आधार पर जिन लोगों को टिकट दिए, उनमें से किसी एक के भी बारे में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि उसने अपने समुदाय के कल्याण के लिए कुछ किया हो।’’

गडकरी ने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांगने की प्रवृत्ति की ओर भी इशारा किया।

उन्होंने कहा, ‘‘टिकट मिलने के बाद वे कहते हैं कि मेरी पत्नी, बेटे, बेटी को टिकट दीजिए। अगर चौथा व्यक्ति हो तो अपने पीए के लिए भी टिकट मांगते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जिसे चुनाव का टिकट मिले, वह समुदाय के विकास के लिए काम करेगा। लेकिन, अपने 40 से 50 साल के अनुभव से मैंने यह महसूस किया है कि इसका कोई फायदा नहीं है।।’’

भाषा अमित आशीष

आशीष


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